suvichar

घर में वास्तुदोष से परेशान हैं, तो लगाएं पेड़-पौधे, घर में आएगी सकारात्मकता...

Webdunia
आज की भाग-दौड़ भरी और तनावपूर्ण जिंदगी में लोग यही चाहते हैं कि घर में उन्हें वह सारा सुकून मिले जिसकी उन्हें आशा है और यही वजह है कि लोग वास्तु का महत्व जानने लगे हैं। 
 
जब भी घर सजाने की बात होती है तो हमें अलग-अलग तरह की वस्तुओं का ध्यान आता है पर आजकल इतना ही काफी नहीं है। दरअसल वास्तु के अंतर्गत कुछ ऐसी बातों का समावेश है जिससे हमारी जिंदगी में सकारात्मकता उपजती है।

ALSO READ: पर्यावरण का संदेश देते हैं ग्रह-नक्षत्र, जानें कौन-से पौधों का करें रोपण...
 
आइए जानते हैं कुछ खास बातें : - 
 
* आपके भवन के आगे थोड़ी-सी जगह अवश्य छूटी होनी चाहिए। जिसमें बीच में प्रवेश करने के रास्ते के दोनों ओर छोटे-छोटे फूलों की क्यारियां होनी चाहिए। इस बगीचे के बीच में एक तुलसी का पौधा जरूर लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार यह बहुत ही शुभ होता है।
 
* घर के प्रवेश द्वार को लकड़ी से ही बनवाना चाहिए तथा यहां पर एक पायदान जरूर रखें जो घर में किसी भी तरह की नकारात्मकता को रोकने का चेक पाइंट है। द्वार पर स्वास्तिक चिन्ह, लक्ष्मी गणेश के चिन्हों वाले स्टिकर या अपने धर्म के शुभ संकेतों को लगाएं।
 
* ड्राइंग रूम में फर्नीचर लकड़ी का ही होना अच्छा माना जाता है। यह भी ध्यान रहे कि फर्नीचरों के कोने तीखे तथा नुकीले न होकर के गोल या चिकने होने चाहिए। तीखे कोने नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माने जाते हैं। यहां पर कुछ पौधों से सजावट करनी चाहिए। हिंसा की प्रतीक मूर्तियां या चित्र न लगाकर सौम्य सुंदर तस्वीरों या मूर्तियों से सजावट करें।
 
* पूजा स्थल ऐसा बनाना चाहिए कि पूजा के लिए बैठने वाले का मुंह पूर्व दिशा में हो। पूजा घर में हमेशा हल्के रंगों का प्रयोग करना चाहिए। यहां लाल रंग के बल्बों की सजावट न करें। पूजा घर में पूर्वजों की तस्वीरें न रखें।
 
* रसोईघर में चूल्हा हमेशा पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए। किचन के प्लेटफार्म में काले पत्थर का प्रयोग नहीं होना चाहिए। यहां पर पौधे रखे जा सकते हैं। यहाय की दीवारों पर गुलाबी रंग होना चाहिए। इस तरह से आप अपने घर की आंतरिक सज्जा को वास्तु अनुरूप बनाकर ऊर्जा व शांति का उचित समन्वय करके नकारात्मता को घर से बाहर का रास्ता दिखा सकती हैं।
 
* बेडरूम का फर्नीचर भी जहां तक संभव हो सके लकड़ी का ही हो। यहां लोहे का उपयोग करना ठीक नहीं है। सफेद, क्रीम, आइवरी जैसे रंगों का दीवारों पर प्रयोग किया जाना चाहिए। यहां पर प्रेम के प्रतीक चिन्हों का प्रयोग करना चाहिए जैसे लव बर्ड्‌स आदि। रंगीन फूलों की तस्वीरें भी लगा सकते हैं। 
 
* बच्चों के कमरे का रंग नीला बैंगनी या हरा होना चाहिए। टेबल इस तरह से लगी होनी चाहिए कि पढ़ने वाले का मुंह पूर्व या उत्तर में रहे तथा पीठ की ओर दीवार होनी चाहिए। इस कमरे में विद्या का वास होता है अतः बच्चों को जूते-चप्पल बाहर रखने की सलाह दें। 
 
इस तरह से सजाया गया घर निश्चित रूप से ही आपको सकारात्मक जीवन देगा।

ALSO READ: पर्यावरण दिवस पर पौधा लगाएं तो इन वास्तु टिप्स को अपनाएं.. मिलेंगे 13 शुभ फल
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

होली पर दिखेगा चंद्र ग्रहण का दुर्लभ ग्रस्तोदय नजारा, भारत के इस शहर से दिखेगा खास दृश्य

Holi puja remedies 2026: होलिका दहन के दिन करें मात्र 5 उपाय, संपूर्ण वर्ष रहेगा शुभ

भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति

Khagras Chandra Grahan 2026: खग्रास चंद्र ग्रहण का राशियों पर शुभ और अशुभ प्रभाव

होली पर गुलाल गोटा की परंपरा कहां से आई? मुस्लिम कारीगरों से क्या है इसका रिश्ता

सभी देखें

नवीनतम

05 March Birthday: आपको 5 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 5 मार्च 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (04 मार्च, 2026)

साल 2026 का अगला चंद्र ग्रहण कब होगा?

Israel iran war: ब्लड मून के बाद रौद्र संवत्सर, नरसंहार का साल होगा शुरू, 5 घटनाओं को रोकना मुश्किल

अगला लेख