shiv chalisa

वास्तु टिप्स : यह पौधे ना घर में रखें, ना ऑफिस में

डॉ. रामकृष्ण डी. तिवारी
पेड़-पौधे से घर में सजीवता आती है। इसकी हरियाली किसी भी स्थान या भवन की शोभा बढ़ाने में सहायक रहती है। प्राकृतिक वातावरण में रहने से जीवन में कई सकारात्मक परिणाम आते हैं। अत: इनका उपयोग जैसा भी स्थान मिले, वैसा अवश्य करना चाहिए। ऐसा करना नैतिक रूप में भी आवश्यक है, क्योंकि इससे पर्यावरण की रक्षा के संग प्रदूषण से मुक्ति मिलती है।
 
* कई प्रकार के पौधे घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा भी देते हैं। उनके विषय में जानकर ही उनका उपयोग करना चाहिए, जैसे नागफनी का पौधा आवास या कार्यालय में कहीं भी रखने से नुकसान देता है। इसके छोटे-छोटे कांटे ऋणात्मक ऊर्जा की वृद्धि करते हैं। 

* बोन्साई (किसी वृक्ष का लघु रूप) प्रकृति के पेड़ भी घर में रखने से वहां पर निवास करने वालों की प्रगति का मार्ग अवरुद्ध करते हैं। इस तरह सुंदर दिखाई देने वाले बोन्साई पेड़ आपकी समृद्धि में विष का कार्य करते हैं। इसका त्याग करना भी उचित है। 

* जिन पौधे में कांटे होते हों या जिनमें से दूध निकलता हो, ऐसे पौधे का उपयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए। 

* मुरझाए हुए, सूखे हुए, टूटे हुए पौधों का उपयोग भी नकारात्मक ऊर्जा देता है। 

 
* यदि पौधा या पेड़ लगाना संभव नहीं हो तो शुभ पौधे की आकृति या चित्र लगाना भी अनुकूलता की वृद्धि करता है।

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

मकर राशि में मंगलादित्य राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

सभी देखें

नवीनतम

Hindu New Year 2026: गुरु राजा और मंगल मंत्री के राज में 19 मार्च के बाद 5 राशियां बनेंगी अपराजेय

क्या वाहन नंबर का दुर्घटना से कोई संबंध है? यदि आपका संबंध इन नंबरों से है तो रहें सतर्क

Success in Exams: एक्जाम में पाना है अच्छी सक्सेस, तो करें ये 5 खास उपाय

Angarak Yog 2026: कुंभ राशि में मंगल से बना अंगारक योग, 4 राशियों के लिए शुरू होगा राजयोग का सुनहरा दौर

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, क्या है इसका महत्व?

अगला लेख