Hanuman Chalisa

वास्तु के अनुसार घर में उजालदान कहां होना चाहिए?

अनिरुद्ध जोशी
Ventilation vastu: दस दिशाएं होती हैं। पूर्व, आग्नेय, दक्षिण, नैऋत्य, पश्‍चिम, वायव्य, उत्तर, ईशान, ऊर्ध्व और अधो। ऊर्ध्व का अर्थ होता है उपर। ऊर्ध्व दिशा के देवता ब्रह्मा है। इस दिशा का सबसे ज्यादा महत्व है।  घर की छत, छज्जे, उजाल दान, खिड़की और बीच का स्थान इस दिशा का प्रतिनिधित्व करते हैं। अक्सर आपने घर में देखा होगा खिड़की के अलावा एक उजालदान होता है जिसे वातायन, हवादार, संवातन या वेंटिलेशन भी कहते हैं। हालांकि वेंटिलेशन कई प्रकार के होते हैं। यह अक्सर दरवाजे के ऊपर, खिड़की के ऊपर या दीवार में कहीं छत से लगा होता है। इन सभी को सुंदर और स्वच्छ बनाकर रखने से प्रगति के सभी रास्ते खुल जाते हैं।
 
ALSO READ: वास्तु के अनुसार नहीं हैं खिड़कियां तो 5 तरह के नुकसान जान लें
कहां नहीं होना चाहिए उजाल दान?
1. घर की छत में किसी भी प्रकार का उजालदान न हो। जैसे आजकल घर की छत में लोग दो-बाइ-दो का एक हिस्सा खाली छोड़ देते हैं उजाले के लिए। इससे घर में हमेशा हवा का दबाव बना रहेगा, जो सेहत और मन-मस्तिष्क पर बुरा असर डालेगा। 
 
2. आग्नेय, दक्षिण और नैऋत्य दिशा में उजालदान नहीं बनाना चाहिए। आग्नेय में रसोईघर है तो उजालदान उचित दिशा में बना सकते हैं। 
 
3. यदि उजालदान बनाना ही है तो किसी वास्तुशास्त्री से पूछकर बनाएं। 
ALSO READ: Vast Tips : वास्तु दोष को ठीक करने के लिए करें मात्र 3 उपाय
कहां होना चाहिए उजाल दान?
1. घर की वायव्य, उत्तर, ईशान और पूर्व दिशा के उजालदान ही सही होते हैं। 
 
2. वायव्य दिशा में हवा के लिए और पूर्व दिशा में उजाले के लिए उजालदान बनाते हैं।
 
3. रसोई घर में उजालदान निश्चित ही बनाना चाहिए, ताकि उसका ताप और धुआं बाहर निकल सके।
 
4. बाथरूम और टॉयलेट में उचित दिशा में छत से लगे हुए उजालदान होना चाहिए।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

Vakri Budh 2026: बुध की वक्री चाल से बदलेगी 12 राशियों की किस्मत, जानें आपका हाल

त्रिग्रही योग योग से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ, मौका न चुकें 3 उपाय करें

सभी देखें

नवीनतम

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी?

मीन राशि में शनि का प्रभाव कब तक रहेगा, 6 को मिलेगा लाभ और 6 को होगा नुकसान?

अंक ज्योतिष और वैवाहिक सामंजस्य: जानिए क्या कहते हैं आपके अंक?

July Planet Transit 2026: सूर्य, बुध और शुक्र का गोचर बदलेगा 5 राशियों का भाग्य, जानें आपकी राशि पर असर

राहु-मंगल का अंगारक योग: धनिष्ठा नक्षत्र में 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 रहें सावधान, जानें 5 उपाय

अगला लेख