Hanuman Chalisa

सूर्य के उगने से पहले उठेंगे तो मिलेंगे सेहत के 5 महालाभ

अनिरुद्ध जोशी
मंगलवार, 31 जनवरी 2023 (02:43 IST)
सूर्योदय से पहले के काल के उषाकाल कहते हैं। इस काल में ब्रह्म मुहूर्त भी होता है। सूर्योदय के पहले यह कहें कि सुबह 4 बजे उठने के क्या फायदे होते हैं। सूर्य के उगने के पहले उठने के क्या लाभ होते हैं। क्यों उठना चाहिए सूर्य उदय के पूर्व। उषा काल या रात्रि का चौथा यानी अंतिम प्रहर शुद्ध रूप से सात्विक होता है। इस प्रहर में शिवलिंग पर जल अर्पित करने से जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं। आओ जानते हैं सुबह जल्दी जागने के 5 फायदे।
 
सूर्योदय से पहले उठने के फायदे | suryoday se pahle uthne ke fayde:
 
1. बायोलॉजिकल क्लॉक : सूर्योयद के पूर्व उठने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपकी बायोलॉजिकल क्लॉक सुधरती है। शरीर का हर अंग अपना काम समय पर निपटा लेता है। 
 
2. सेहत में सुधार होता है: सुबह जल्द उठने से हमें ताजी और शुद्ध हवा मिलती है। शुद्ध प्राणवायु से सेहत में सुधार होता है। एक्सरसाइज करने का यही सही समय होता है, क्योंकि इस समय वायु एकदम साफ और ताजी होती है।
3. याददाश्त बढ़ती है : जल्दी उठने से हमारी याददाश्त बढ़ती है, क्योंकि मस्तिष्क को भरपूर और शुद्ध ऑक्सिजन मिलता है।
 
4. मानसिक सेहत सुधरती है : सुबह का वातावरण शुद्ध और सात्विक रहता है जो हमारे स्वभाव को खुशनुमा बनाकर मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करता है।
 
5. ऊर्जावान बनते हैं : उषा काल में उठने से कार्य क्षमता बढ़ती है और आप पूरे दिन ऊर्जा से भरे रहते हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

इलाज आपकी थाली में, ध्यान नहीं दिया तो साइलेंट किलर साबित हो सकता है एनीमिया

घर संभालने वाली महिलाओं को 30 हजार; पर 'हाउस हसबैंड्स' का क्या?

भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

हिंदी साहित्य में पहेली के रूप में लिखी जाने वाली एक लयात्मक कविता: कह मुकरियां

सभी देखें

नवीनतम

Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

Guru Hargobind Jayanti 2026: गुरु हरगोविंद सिंह जयंती: जानें उनके बताए सिद्धांत, जो आज भी हैं प्रासंगिक

राम मंदिर: सात्विकता, सुशासन और सनातन की अग्निपरीक्षा

Sant Kabir: अनपढ़ थे कबीर, फिर कैसे डिगा दी बड़े-बड़े पंडितों की गद्दी? सिकंदर लोदी भी टेक चुका था घुटने!

बॉलीवुड फ़िल्में जोड़ रही हैं भारत और लैटिन अमेरिका को

अगला लेख