Hanuman Chalisa

वर्ष 2018 में आनेवाले रवि-पुष्य व गुरु-पुष्य के शुभ संयोग जानिए

पं. हेमन्त रिछारिया
पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना गया है। यह अत्यन्त शुभ नक्षत्र है। प्रभु श्रीराम का जन्म-नक्षत्र होने के कारण पुष्य नक्षत्र की विशेष प्रतिष्ठा है।

पुष्य नक्षत्र जब गुरुवार एवं रविवार के दिन होता है तब इसे गुरु-पुष्य एवं रवि-पुष्य संयोग के नाम से जाना जाता है। यह सभी कार्यों के लिए शुभ व श्रेष्ठ मुहूर्त होता है।

वर्ष 2018 में केवल 3 रवि-पुष्य और 2 गुरु-पुष्य संयोग बन रहे हैं। आइए जानते हैं कि वर्ष 2018 में रवि-पुष्य व गुरु-पुष्य शुभ संयोग कब-कब बनेगा।
 
रवि-पुष्य
 
वर्ष 2018 का पहला रवि-पुष्य शुभ संयोग दिनांक 22 अप्रैल 2018 को बना था। इसके अतिरिक्त 20 मई 2018 एवं 17 जून 2018 को भी रवि-पुष्य शुभ संयोग बनेगा।
 
गुरु-पुष्य
 
वर्ष 2018 का पहला गुरु-पुष्य शुभ संयोग दिनांक 6 सितंबर 2018 को बनने जा रहा है। इसके अतिरिक्त 4 अक्टूबर 2018 को भी गुरु-पुष्य शुभ संयोग बनेगा।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com


ALSO READ: 20 मई को रविपुष्य नक्षत्र, आजमाएं एकाक्षी नारियल के टोटके और पढ़ें ये शुभ मंत्र

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

दक्षिण दिशा से जुड़ी ये गलतियां बना सकती हैं कंगाल, जानिए क्या रखें और क्या नहीं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, नौकरी-व्यापार में होगा बड़ा लाभ

अपरा एकादशी 2026: कब है तिथि और क्या है इसका धार्मिक महत्व? जानिए सब कुछ

सभी देखें

नवीनतम

14 May Birthday: आपको 14 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

बुध का वृषभ राशि में गोचर, 12 राशियों पर कैसा होगा प्रभाव?

Jyeshtha Amavasya Vrat 2026: ज्येष्ठ अमावस्या व्रत और पूजा विधि

अगला लेख