Hanuman Chalisa

हनुमानजी के समक्ष क्यों जलाया जाता है आटे का दीपक, जानिए 5 फायदे

अनिरुद्ध जोशी
मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी की पूजा होती है। इस दिन उन्हें लौंग, इलायची, सुपारी, पान का बीड़ा अर्पित करना चाहिए। गुड़-चने का प्रसाद, लड्डू, केसर भात, इमरती, रोट या रोठ, पंचमेवा, चमेली का तेल और फूल, सिन्दूर, ध्वज, जनेऊ, लाल चंदन में केसर, चौला आदि अर्पित करके आटे का दीपक जलाकर उनकी पूजा और आरती की जाती है। आओ जानते हैं कि क्यों जलाया जाता है आटे का दीपक।
 
 
1. किसी भी प्रकार की साधना या सिद्धि में सफलता हेतु आटे का दीपक बनाते हैं और उसमें बत्ती लगाकर उसे प्रज्वलित करके हनुमान मंदिर में विधिवत रूप से रखते हैं।
 
2. यदि आप कर्ज में डूबे हैं तो आटे के बने दीपक में चमेली का तेल डालकर उसे बड़ के पत्ते पर रखकर जलाएं। ऐसे 5 पत्तों पर 5 दीपक रखें और उसे ले जाकर हनुमानजी के मंदिर में रख दें। ऐसा कम से कम 11 मंगलवार को करें। 
 
3. शनिवार को हनुमान मंदिर में जाकर हनुमानजी को आटे के दीपक लगाने से शनि की बाधा भी दूर हो जाती है।
 
4. यदि आप किसी संकट से घिरे हैं तो हनुमाजी के मंदिर में बढ़ते क्रम से आटे का दीपक जलाएं। ये दीप घटती और बढ़ती संख्या में लगाए जाते हैं। एक दीप से शुरुआत कर उसे 11 तक ले जाया जाता है। जैसे संकल्प के पहले दिन 1 फिर 2, 3, ,4 , 5 और 11 तक दीप जलाने के बाद 10, 9, 8, 7 ऐसे फिर घटते क्रम में दीप लगाए जाते हैं। यह दीपक कर्ज से मुक्ति, शीघ्र विवाह, नौकरी, बीमारी, संतान प्राप्ति, खुद का घर, गृह कलह, पति-पत्नी में विवाद, जमीन जायदाद, कोर्ट कचहरी में विजय, झूठे मुकदमे तथा घोर आर्थिक संकट के निवारण हेतु आटे के दीप संकल्प के अनुसार जलाए जाते हैं।
 
5. आटे का 5 मुखी दीपक सरसों के तेल से भरें और उसे हनुमान मंदिर में रखें, जो भी मनोकामना होगी वह पूर्ण हो जाएगी। ऐसा पांच मंगलवार तक करें। इससे मंगलदोष में भी राहत मिलती है।
 
दीपक जलाने की विधि और समय किसी ज्योतिष या पंडित से जरूर पूछें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

सभी देखें

नवीनतम

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

Jyeshtha Amavasya Vrat 2026: ज्येष्ठ अमावस्या व्रत और पूजा विधि

अगला लेख