Hanuman Chalisa

9 सितंबर को है 'कुशग्रहणी अमावस्या', पढ़ें क्या करें इस दिन

पं. हेमन्त रिछारिया
9 सितंबर को कुशोत्पाटनी अमावस्या है। इसे कुशग्रहणी अमावस्या भी कहते हैं। कुशोत्पाटनी अमावस्या पर उखाड़ा गया कुश 1 वर्ष तक प्रयोग किया जा सकता है। सामान्यत: किसी भी अमावस्या को उखाड़ा गया कुश 1 मास तक प्रयोग किया जा सकता है।
 
कुश को हमारे शास्त्रों में विशेष शुद्ध माना गया है। हमारे शास्त्रों में जप इत्यादि करते समय कुश को पावित्री के रूप में धारण करने का नियम है। कुश उखाड़ने के लिए श्रद्धालुओं को निम्न रीति का प्रयोग करना चाहिए। श्राद्ध पक्ष में कुश की महती आवश्यकता होती है।
 
1. प्रात: काल स्नान के उपरांत सफेद वस्त्र धारण कर कुश उखाड़ें।
 
2. कुश उखाड़ते समय अपना मुख उत्तर या पूर्व की ओर रखें।
 
3. सर्वप्रथम 'ॐ' बोलकर कुश का स्पर्श करें। फ़िर निम्न मंत्र पढ़कर प्रार्थना करें-
 
'विरंचिना सहोत्पन्न परमेष्ठिनिसर्जन।
नुद सर्वाणि पापानि दर्भ! स्वस्तिकरो भव॥'
 
4. तत्पश्चात् हथेली और अंगुलियों के द्वारा मुट्ठी बनाकर एक झटके से कुश उखाड़ें। कुश को एक बार में ही उखाड़ना चाहिए। अत: पहले उसे लकड़ी के नुकीले टुकड़े से ढीला कर लें, लोहे का स्पर्श ना करावें।
5. कुश उखाड़ते समय 'हुं फ़ट्' कहें।
 
प्रयोग करने योग्य कुश-
 
1. जिसका अग्रभाग कटा न हो।
 
2. जो जला हुआ ना हो।
 
3. जो मार्ग या गंदे स्थान पर ना हो।
 
 
- ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
संपर्क : astropoint_hbd@yahoo.com
 
ALSO READ: यदि हिन्दू धर्म सभी धर्मों से पुराना है तो फिर भारत के बाहर इसका प्रचार-प्रसार क्यों नहीं हुआ?

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Kalagnanam:रहस्यमयी ग्रंथ 'कालज्ञानम': सटीक हैं इस ग्रंथ की भविष्यवाणी, जानिए 10 बड़ी भविष्यवाणियां

मंगल का मीन राशि में गोचर, 6 राशियां 11 मई 2026 तक निपटा लें कार्य

Kalagnanam Granth: भविष्‍य मालिका ग्रंथ की तरह है भविष्यवाणियों का ग्रंथ- कालज्ञानम्

केदानाथ और बद्रीनाथ मंदिर धाम जाने से पहले कर लें ये जरूरी 5 तैयारियां

खप्पर योग बना खतरनाक: 4 राशियों को नुकसान, 4 को मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

नवीनतम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (19 अप्रैल, 2026)

19 April Birthday: आपको 19 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 19 अप्रैल 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Astrology Horoscope: साप्ताहिक राशिफल (20 से 26 अप्रैल 2026): नए अवसर और बदलाव के संकेत

मांगलिक दोष और वैवाहिक जीवन: क्या वाकई यह डरावना है या सिर्फ एक भ्रांति?

अगला लेख