Biodata Maker

Kharmas 2020 : शनिवार से खरमास, जानिए इस अवधि में क्या करें, क्या न करें

Webdunia
Kharmas March 2020
14 मार्च 2020, शनिवार से खरमास (Kharmas 2020) प्रारंभ हो रहा है। भारतीय पंचांग के अनुसार इस पूरे माह में शुभ कार्य नहीं होंगे। इस वर्ष खरमास 13 अप्रैल 2020 तक जारी रहेगा। 
 
प्राचीन खगोलशास्त्र के अनुसार हिन्दू पंचांग की गणना की जाती है। इसके अनुसार जब सूर्य 12 राशियों का भ्रमण करते हुए बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करता है, तो अगले 1 माह तक खरमास पड़ता है। इन 30 दिनों की अविधि को शुभ नहीं माना जा सकता है। ऐसी कई मान्यताएं हैं कि खरमास में विवाह, भवन-निर्माण, नया व्यापार या व्यवसाय आदि शुभ कार्य वर्जित हैं। 
 
पंचाग के अनुसार यह समय सौर मास का होता है जिसे खर मास कहा जाता है। माना जाता है कि इस मास में सूर्य देवता के रथ को घोड़े नहीं खींचते हैं। लेकिन जो लोग विदेशों में रह रहे हैं क्या उनके लिए भी खरमास में शुभ कार्य निषेध है? 
 
जानकार बताते हैं कि भारतीय पंचांग के अनुसार देश, काल और परिस्थिति में सितारों की गणना बदल जाती है। अगर आपका जन्म विदेशी धरती पर हुआ है तब भी आपके पूर्वज भारत के ही हैं, गौत्र और नक्षत्र तथा कुंडली में सूर्य की स्थिति भारतीय पंचांग के अनुसार ही आप मानते हैं तो जरूरी है कि खरमास की पाबंदी आप भी मानें।
 
सूर्य देव सिर्फ भारत के नहीं है वे अखिल ब्रह्मांड के दिव्य देवता हैं। मात्र विदेशी धरती पर निवास करने से मास की अशुभता शुभता में नहीं बदल जाती है। अत: इस समय में शुभ कार्य विदेश में रहकर भी ना करें। 

ALSO READ: 14 मार्च 2020 से लग रहा है खरमास, बंद हो जाएंगे मांगलिक कार्य, नहीं गूंजेगी शहनाई
 
 
आइए जानते हैं खर मास में क्या करें और क्या न करें? 
 
खरमास में क्या करें:- खर मास को मल मास भी कहा जाता है। इस मास में भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों पर स्नान-दान आदि करने का भी महत्व माना जाता है। इस मास की एकादशियों का उपवास कर भगवान विष्णु की पूजा कर उन्हें तुलसी के पत्तों के साथ खीर का भोग लगाया जाता है।
 
इस मास में प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके भगवान विष्णु का केसर युक्त दूध से अभिषेक करें व तुलसी की माला से 11 बार भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जप करें। पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है इस मास में पीपल की पूजा करना भी शुभ रहता है। 
 
कार्यक्षेत्र में उन्नति के लिए खरमास की नवमी तिथि को कन्याओं को भोजन करवाना पुण्य फलदायी माना जाता है। सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण कार्य इस मास में यह किया जा सकता है कि श्री हरि विष्णु जी की भक्ति में मन लगाएं और सत्कर्म करें। इस माह के दौरान अपने दुर्व्यसनों, दुर्विचारों, पापाचार को त्याग कर धर्म-कर्म में मन लगाएं।  
 
खरमास में क्या न करें :- इस पूरे मास तक विवाह, सगाई, ग्रह-प्रवेश आदि धार्मिक शुभकार्य या मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। नई वस्तुओं, घर, कार आदि की खरीददारी भी नहीं करनी चाहिए। घर का निर्माण कार्य या फिर निर्माण संबंधी सामग्री भी इस समय नहीं खरीदनी चाहिए। 

ALSO READ: kharmas 2020 : 14 मार्च 2020 से खरमास आरंभ, बंद होंगे शुभ कार्य

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

शनि की साढ़ेसाती का 3 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव, 2 राशियों पर ढैय्या का क्या होगा असर?

Next PM after Modi:नरेंद्र मोदी के बाद पीएम कुर्सी की जंग अब सिर्फ 2 लोगों के बीच

February 2026 Festivals: फरवरी माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहार

बृहस्पति का इस वर्ष 2026 में 3 राशियों में होगा गोचर, किस राशि को क्या मिलेगा, कौन होगा परेशान

महाशिवरात्रि का त्योहार कब मनाया जाएगा, 15 या 16 फरवरी 2026?

सभी देखें

नवीनतम

Yashoda Jayanti 20026: कब है यशोदा जयंती 6 या 7 फरवरी, जानें सही डेट, मुहूर्त, पूजा विधि और कथा

रौद्र संवत्सर में इस बार हिंदू वर्ष होगा 13 माह का, 5 राशियों के लिए बनेगा अपराजेय योग

शुक्रवार के खास 5 उपाय, धन संबंधी परेशानी करेंगे दूर

Sankashti Chaturthi 2026: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है, जानें मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और चंद्रोदय का समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 फरवरी, 2026)

अगला लेख