Hanuman Chalisa

mesh sankranti : मेष संक्रांति क्या है,जानिए महत्व

Webdunia
mesh sankranti


वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मेष संक्रांति के पहले दिन से सौर कैलेंडर के नववर्ष का प्रारंभ होता है। भारत के विभिन्न सौर कैलेंडरों जैसे ओड़िया कैलेंडर, तमिल कैलेंडर, मलयालम कैलेंडर और बंगाली कैलेंडर में मेष संक्रांति के पहले दिन को नववर्ष का पहला दिन माना जाता है।

ओड़िशा में हिन्दू अर्धरात्रि से पहले मेष संक्रांति होती है तो संक्रांति के पहले दिन को ही नववर्ष के पहले दिन के रूप में मनाते हैं। मेष संक्रांति पणा संक्रांति के रूप में मनाते हैं।

मेष संक्रांति के अलग-अलग नाम
 
मेष संक्रांति को तमिलनाडु में पुथांडु (Puthandu), केरल में विशु (Vishu), बंगाल में नबा बर्ष (Naba Barsha) या पोहला बोइशाख (Pohela Boishakh), असम में बिहु (Bihu) और पंजाब में वैशाखी (Vaisakhi) के नाम से मनाया जाता है।
 
सौर कैलेंडर
 
सौर कैलेंडर का प्रारंभ मेष संक्रांति से होता है। सूर्य जब मीन राशि में प्रवेश करता है तो मीन संक्रांति होती है, वह सौर कैलेंडर का अंतिम मास होता है। सौर कैलेंडर में 12 मास होते हैं। इसे आप 12 राशि के नाम से जानते हैं।

सौर मास के 12 नाम इस प्रकार हैं: मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्‍चिक, धनु, कुंभ, मकर और मीन।
 
मेष संक्रांति में सूर्य पूजा
 
मेष संक्रांति में सूर्य देव की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। इस दिन स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दें और गायत्री मंत्र का जाप करें। इसके बाद ब्राह्मण को दान-दक्षिणा भी दें। इस दिन गेहूं, गुड़ और चांदी की वस्तु दान करना शुभकारी होता है।
 
मेष संक्रांति को स्नान आदि से निवृत्त होकर लाल वस्त्र पहनें। ताबें के पात्र या लोटे में जल, अक्षत्, लाल पुष्प रखकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। सूर्य देव की स्तुति करने से सभी प्रकार की तरक्की होती है। यश, कीर्ति और वैभव की प्राप्ति होती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

दक्षिण दिशा से जुड़ी ये गलतियां बना सकती हैं कंगाल, जानिए क्या रखें और क्या नहीं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, नौकरी-व्यापार में होगा बड़ा लाभ

अपरा एकादशी 2026: कब है तिथि और क्या है इसका धार्मिक महत्व? जानिए सब कुछ

सभी देखें

नवीनतम

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

Banyan tree worship: वट सावित्री व्रत: बरगद के पेड़ में छिपा है अखंड सौभाग्य का रहस्य, जानें धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें, हर महिला को जानना हैं जरूरी

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (14 मई, 2026)

14 May Birthday: आपको 14 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख