Festival Posters

इसलिए जरूरी है बच्चों का मुंडन संस्कार, पढ़ें 5 जरूरी बातें

Webdunia
हिन्दू धर्म में 16 संस्कार हैं उनमें से दो प्रमुख संस्कार बचपन और किशोरावस्था में संपन्न किए जाते हैं। मुंडन संस्कार और यज्ञोपवित संस्कार। आइए जानते हैं मुंडन संस्कार के पीछे क्या मान्यता है...
 
मुंडन संस्कार के बारे में मान्यता है कि इससे शिशु का मस्तिष्क और बुद्धि दोनों ही पुष्ट होते हैं।
 
पेट के बालों का विसर्जन करने से बच्चे के पूर्व जन्म के शापों का मोचन होता है।
 
बच्चे के नए संसार के गुण ग्रहण करने के लिए नए बालों का आगमन शुभ माना जाता है।
 
मां के पेट से आए बालों को हटाने पर मलिन संस्कारों से मुक्ति मिलती है।
 
इस संस्कार में सिर के बाल पहली बार उतारे जाते हैं।
 
शिशु के 1 वर्ष या 3 वर्ष या कुल परंपरा के अनुसार 5वें अथवा 7वें वर्ष में मुंडन संस्कार कराए जाने की प्रथा है।

ALSO READ: घूमने जा रहे हैं तो रूकिए पहले यह 10 बातें पढ़ लीजिए... यात्रा होगी शुभ और सफल

 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Vrishchik Rashi 2026: वृश्चिक राशि 2026 राशिफल: पंचम के शनि और चतुर्थ भाव के शनि से रहें बचकर, करें अचूक उपाय

Margashirsha Month 2025: आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं तो मार्गशीर्ष माह में करें ये 6 उपाय

बुध ग्रह का वृश्‍चिक राशि में मार्गी गोचर 12 राशियों का राशिफल

Mulank 9: मूलांक 9 के लिए कैसा रहेगा साल 2026 का भविष्य?

Lal Kitab Kumbh Rashifal 2026: कुंभ राशि (Aquarius)- बृहस्पति संभाल लेगा शनि और राहु को, लेकिन केतु से रहना होगा सावधान

सभी देखें

नवीनतम

29 November Birthday: आपको 29 नवंबर, 2025 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 नवंबर, 2025: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Toilet Vastu Remedies: शौचालय में यदि है वास्तु दोष तो करें ये 9 उपाय

Dhanu Rashi Varshik rashifal 2026 in hindi: पराक्रम का राहु और अष्टम का गुरु मिलकर करेंगे भविष्य का निर्माण

Lal Kitab Vrishabha rashi upay 2026: वृषभ राशि के जातकों के लिए लाल किताब के अचूक उपाय, राहु केतु देगा संकट

अगला लेख