Hanuman Chalisa

सोम प्रदोष के 10 शुभ और सरल उपाय, शिव जी को प्रसन्न करने के लिए जरूर आजमाएं

Webdunia
आज सोम प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2022) मनाया जा रहा है। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी के दिन पड़ रहा यह व्रत बहुत खास है। इस दिन शिव जी के कुछ सरल उपाय करने मात्र से भोलेनाथ प्रसन्न होकर वरदान देते हैं। 
 
आइए जानें 10 सरल उपाय- 
 
1. प्रदोष या त्रयोदशी तिथि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान भोलेनाथ का ध्यान करते हुए नहाने के पानी में काले तिल डाल कर मंत्र- 'ॐ नम: शिवाय' का जाप करते हुए स्नान करें। शिव जी तथा पितृ प्रसन्न होंगे। 
 
2. सोम प्रदोष के दिन शुभ योग में शिव मंत्रों का जाप करते हुए गाय के दूध से शिवाभिषेक करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
 
 
3. त्रयोदशी के दिन किसी भी तालाब या नदी किनारे जाकर मछलियों को आटे की गोलियां खिलाने तथा असहाय लोगों को भोजन कराने अथवा अन्न, वस्त्र, काले तिल, छाता आदि दान करने से भी पि‍तृ प्रसन्न होंगे। 
 
4. प्रदोष तिथि पर शिव-पार्वती का संयुक्त रूप में पूजन करके मंत्र- 'ॐ गौरीशंकराय नमः' का जाप करें तथा किसी मंदिर में अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें। इस उपाय से जहां पितरों का आशीष मिलेगा, वहीं जीवन की सभी परेशानियां दूर होकर सुख-समृद्धि और घर में खुशियों का आगमन होगा।
 
 
5. इस दिन शिव जी को जौ अर्पित करें, संतान सुख की कामना अवश्य पूर्ण होगी।
 
6. सोम प्रदोष व्रत के दिन सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले दोनों समय शिव जी का पूजन विधिपूर्वक करें। इस तरह पूजन करने से जाने-अनजाने हुए पापों का प्रायश्चित हो जाता है। 
 
7. प्रदोष व्रत के दिन कच्चा दूध लेकर उसमें काले तिल डालकर मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव जी का अभिषेक करें तथा काले तिल का दान करें। इस उपाय से पितृ दोष से मुक्ति मिलने के साथ ही पितरों की आत्मा को शांति भी मिलेगी तथा उनके आशीर्वाद से चारों दिशाओं में आपकी यश, कीर्ति बढ़ेगी तथा धनागमन के रास्ते खुलेंगे।
 
 
8. सोम प्रदोष के दिन भगवान शिव को अक्षत चढ़ाने से धन, सुख और ऐश्‍वर्य की प्राप्ति होती है। बस इतना ध्यान रखें कि चावल के दाने खंडित न हो।
 
9. सोम प्रदोष के दिन भोलेनाथ को बेला (मोतिया), हरसिंगार के पुष्‍प चढ़ाने से सुंदर, सुशील जीवनसंगिनी मिलती है तथा घर में निरंतर सुख-संपत्ति बढ़ती है।
 
10. इस दिन अपने पितरों को याद करते हुए शिव जी का दुग्धाभिषेक करें तथा काला तिल, पुष्प, फल, मिठाई आदि चीजें चढ़ाएं और भोग लगा कर आरती करें। इस उपाय से भी पितृ प्रसन्न होकर आपकी हर कामना पूर्ण होने का आशीष देंगे।

Pradosh Vrat
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

सभी देखें

नवीनतम

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

Jyeshtha Amavasya Vrat 2026: ज्येष्ठ अमावस्या व्रत और पूजा विधि

अगला लेख