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Diwali pushya nakshatra 2025: दिवाली के पहले पुष्य नक्षत्र कब है, 14 या 15 अक्टूबर 2025?

WD Feature Desk
बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 (14:45 IST)
Pushya Yoga 2025: पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है, और जब यह दिवाली से पहले आता है, तो इसे धन, समृद्धि और स्थायित्व के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीपावली से पहले आने वाला पुष्य नक्षत्र 2025 में 14 और 15 अक्टूबर दोनों ही दिन रहेगा, जो खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ संयोग बना रहा है।ALSO READ: Pushya nakshatra 2025: दिवाली से पहले खरीदारी के लिए पुष्‍य नक्षत्र का योग, जानिए 5 खास बातें

इस बार पुष्य नक्षत्र लगभग 24 घंटे से अधिक समय तक रहेगा, जिससे भक्तों को शुभ खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। दीपावली का प्रमुख त्योहार 20 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा, जबकि धनतेरस 18 अक्टूबर 2025 को है। पुष्य नक्षत्र इन दोनों प्रमुख पर्वों से कुछ दिन पहले आ रहा है।
 
दिवाली 2025 से पहले पुष्य नक्षत्र की तिथि और समय: Pushya Nakshatra date 2025
पंचांग और ज्योतिष गणना के अनुसार, अक्टूबर 2025 में पुष्य नक्षत्र की अवधि इस प्रकार रहेगी:
 
पुष्य नक्षत्र प्रारंभ- 14 अक्टूबर 2025, मंगलवार को सुबह 11:54 बजे से।
पुष्य नक्षत्र का समापन- 15 अक्टूबर 2025, बुधवार को दोपहर 12:00 बजे तक। 
 
शुभ चौघड़िया मुहूर्त
14 अक्टूबर 2025- सुबह 11:54 बजे से पूरी रात तक।
प्रातः मुहूर्त:- 11:54 ए एम – 01:33 पी एम (चर, लाभ, अमृत)
15 अक्टूबर 2025- सुबह 06:22 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।

शुभ संयोग का महत्व: मंगल पुष्य और बुध पुष्य
चूंकि यह नक्षत्र दो दिनों (मंगलवार और बुधवार) तक रहेगा, इसलिए यह एक विशेष संयोग बना रहा है:ALSO READ: Diwali 2025 kab hai: दिवाली 20 अक्टूबर या 21 अक्टूबर, कब करें लक्ष्मी पूजा?
 
मंगल पुष्य (14 अक्टूबर): मंगलवार को पुष्य नक्षत्र होने से इसे मंगल पुष्य कहा जाता है। यह संयोग विशेष रूप से जमीन, संपत्ति, और वाहन की खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है, क्योंकि मंगल भूमि का कारक ग्रह है।
 
बुध पुष्य (15 अक्टूबर): बुधवार को पुष्य नक्षत्र होने से इसे बुध पुष्य कहा जाता है। यह दिन ज्ञान, शिक्षा, व्यापार और निवेश से जुड़े कार्यों के लिए विशेष फलदायी होता है।
 
पुष्य नक्षत्र में खरीदारी : पुष्य नक्षत्र में सोना, चांदी और नई वस्तुएं खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Diwali 2025: धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, अन्नकूट, गोवर्धन और भाई दूज की पूजा के शुभ मुहूर्त

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