Biodata Maker

सूर्य-चन्द्र ग्रहण से कैसे जानें शकुन-अपशकुन, पढ़ें 9 खास बातें...

Webdunia
* ग्रहण से होने वाले शुभ-अशुभ शकुन, जानिए... 
 
अथर्ववेद में सूर्य ग्रहण तथा चन्द्र ग्रहण को अशुभ तथा दुर्निमित कहा गया है। अत: राहु से ग्रस्त सूर्य की शांति के लिए प्रार्थना की गई है।

यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत है सूर्य और चन्द्र ग्रहण से होने वाले शुभ और अशुभ शकुन-अपशकुन के बारे में, आप भी जानिए... 
 
1. मेघ वर्षा के उपरांत इन्द्रधनुष के दर्शन मंगल की सूचना देता है।
 
2. उषाकालीन सूर्य के दर्शन न होना अमंगलकारी माना गया है।
 
3. यात्रा के समय वायु का अवरुद्ध गति से प्रवाह अपशकुन माना गया है। 
 
4. सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय निद्रा निमग्न होना, आलस्य की प्रतीति अशुभ एवं अमंगल की सूचक है।

ALSO READ: ग्रहण के दौरान क्यों रखते हैं मंदिर बंद, जानिए कारण
 
5. सूर्य के आकार का धनुषाकार रूप में दिखाई देना अपशकुन कहा गया है।
 
6. गंदे जल या विकृत पदार्थों में यदि सूर्य का बिंब नजर आता है तो ऐसा दुर्भाग्य की सूचना देता है।
 
7. किसी पुण्य स्थल पर स्नान और जप करने से सूर्य तथा चन्द्र ग्रहण के दोष से मुक्ति मिलती है।
 
8. सूर्य तथा चन्द्र ग्रहण के अवसर पर सरोवर स्नान की महिमा कही गई है। 
 
9. सूर्य का चन्द्र की भांति दिखाई देना अशुभ एवं मृत्युसूचक माना गया है।

ALSO READ: 13 जुलाई को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, न करें ये कार्य वरना पड़ सकता है पछताना

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

सबरीमाला मंदिर के सामने स्थित पहाड़ी पर 3 बार दिखाई देने वाले दिव्य प्रकाश का क्या है रहस्य?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

Horoscope:धनु राशि में चतुर्ग्रही योग, 4 राशियों के लिए बेहद शुभ

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

नवीनतम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (17 जनवरी, 2026)

शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, 12 अचूक उपाय आजमाएंगे तो खुल जाएगी किस्मत: shaniwar ke upay

17 January Birthday: आपको 17 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

माघ शुक्ल चतुर्थी को कहां मनाई जाती है गणेश जयंती?

अगला लेख