Hanuman Chalisa

बुध ग्रह को प्रसन्न करना है तो करें बुधवार का व्रत

Webdunia
budh grah
 
बुधवार व्रत जीवन में सर्व-सुखों की इच्छा रखने वाले हर जातक को करना चाहिए। इस व्रत में चौबीस घंटे (दिन-रात) में एक ही बार भोजन करना चाहिए। यह व्रत करने से बुध ग्रह की शांति होती है तथा विद्या, धन और व्यापार में उन्नति होती है। 
 
आइए जानें बुधवार व्रत संबंधी जानें 7 काम की बातें...
 
* बुध का व्रत 45, 21 या 17 बुधवारों तक करना चाहिए। 
 
* हरे रंग का वस्त्र धारण करके 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:' इस मंत्र का 17, 5 या 3 माला जप करें। 
 
* भोजन में नमकरहित मूंग से बनी चीजें खानी चाहिए। जैसे मूंग का हलवा, मूंग की पंजीरी, मूंग के लड्डू इत्यादि। 
 
* भोजन से पहले तीन तुलसी के पत्ते चरणामृत या गंगाजल के साथ खाकर तब भोजन करें।
 
* इस व्रत के समय हरी वस्तुओं का उपयोग करना श्रेष्ठतम है। 
 
* बुधवार की कथा सुनकर आरती के बाद प्रसाद लेकर जाना चाहिए।  
 
* अंत में धूप, बेल-पत्र आदि से भोलेनाथ का पूजन करना चाहिए। 
 
इस व्रत के करने से विद्या और धन का लाभ होता है। व्यापार में उन्नति होती है और शरीर स्वस्थ रहता है।

ALSO READ: बुधवार के दिन कैसे करें श्री गणेश को प्रसन्न, जानिए Ganesh पूजन के 10 लाभ

ALSO READ: शिव चरित्र देता है सफल जीवन और जनकल्याण की प्रेरणा
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

सोमवार से रविवार तक करें ये अचूक उपाय, हर दिन चमकेगी किस्मत

देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में महागोचर: किस्मत चमकाने और गुरु दोष दूर करने के लिए जरूर करें ये 7 अचूक उपाय

साल का सबसे बड़ा महागोचर: 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में प्रवेश, जानें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल

Lunar Eclipse 2026: साल के दूसरे चंद्र ग्रहण की 5 बड़ी और रोचक बातें

Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल: नवाबों के शहर से कैसे शुरू हुई बजरंगबली की ये खास परंपरा, पढ़ें गौरव गाथा

सभी देखें

नवीनतम

कुंभ राशि पर चल रहा है शनि की उतरती हुई साढ़ेसाती, पढ़ें क्या होगा इसका प्रभाव

Miracle Plants: ये 9 चमत्कारी पौधे जो बदल देंगे आपकी जिंदगी: सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का प्राकृतिक खजाना

Vastu Tips for Plantation: सही दिशा में लगाया गया पौधा बदल सकता है आपकी किस्मत

Vastu tips for gifting watch: बर्थडे पर बच्चों को घड़ी गिफ्ट देने से क्या होता हैं?

Vibhuvan Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है, जानें महत्व, पूजा विधि और मंत्र

अगला लेख