डॉ. छाया मंगल मिश्र

सामाजिक विचारक, प्रोफेसर और संवेदनशील लेखिका
तुलसीदास जी रचित रामचरित मानस में नारियों को सम्मान जनक रूप में प्रस्तुत किया है। जिससे ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते,...
राम का जीवन आम आदमी का जीवन है। आम आदमी की मुश्किल उनकी मुश्किल है.जब राम अयोध्या से चले तो साथ में सीता और लक्ष्मण थे।...

तमसो मा ज्योतिर्गमय...

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020
आइये, चलें...कोरोना के इस घनघोर अंधकार की लड़ाई में एक और ज्योति-प्रकाश अध्याय जोड़ने चलें। सिर्फ नौ मिनिट...क्योंकि ये लड़ाई...
उनमें मुझे हमेशा देवी के नौ रूपों के दर्शन होते रहे। ‘शैल पुत्री’ के रूप में शक्तिशाली और साहसी. परिवार के सभी संकटों,...
क्या कारण है कि रामायण को लोग पूजते हैं और कुछ लोग महाभारत को घरों में रखना भी वर्जित मानते हैं। रामायण प्रेम, त्याग,...
रावण की पत्नी मंदोदरी पति के पास गई और उनसे अर्ज की कि वह युद्ध ना करें। सीता को उनके पति श्रीराम को सही सलामत वापस दे...
। कौन राम, कौन सीता, लक्ष्मण कौन? अरे! रावण कैसा होगा? राक्षस कैसे बनाएंगे? हनुमान जी कौन होंगे? हनुमानजी हवा उड़ेंगे कैसे?...
1- मानस में राम शब्द 1443 बार आया है। 2 - मानस में सीता शब्द 147 बार आया है। 3 - मानस में जानकी शब्द 69 बार आया है। 4 - मानस में बड़भागी...
दुर्गा सप्तशती में कहा गया है कि देवी को देवताओं ने अपने अस्त्र-शस्त्र व हथियार सौपें थे ताकि असुरों के साथ होने वाले...
गणगौर माता के दरबार में हाजिरी देने के समय उखाणे / उखाने बोले जाते हैं। पूजा करने वाली महिलाएं एक-एक करके माता के सामने...
कोरोना से बचाव के लिए 21(इक्कीस) दिनों का ‘लॉक डॉउन’ - 21 दिन' इस 21 की संख्या से कई सारे 21 ध्यान आने लगे। हिन्दी गिनती में 20...
ऐसा नहीं है कि स्त्रियों का सदा ही सम्मान होते रहा है या सदा ही अपमान होता रहा है। जैसे ही नवरात्रि आती है भक्तों की श्रद्धा...
प्रतिवर्ष आने वाला यह गुड़ीपड़वा पर्व फिर आया। बधाइयां लाया, पर हम तो वहीं हैं जहां कल खड़े थे। समय बदल गया,कैलेंडर बदल...
गली,मोहल्ला, घर इंदौर, सुंदर साफ शहर इंदौर, सूरज की किरणों से चमचमाता इंदौर, चांद की रोशनी से रोशन है इंदौर....जब जब ये सुन...
मेरे साथ 2.4 लाख घोषित (यूं तो ना जाने कितनी?) न्याय का इंतजार करते ऐसे मामलों की कई निर्भयाओं की आत्मा भी अभी अपने देश में...
और हम समय नहीं दे पाते उन्हें... देखते रह जाते हैं वे अपनी पनीली आंखों से आपको अपना बेकपैक झुंझलाकर पीठ पर टांग के ले जाते...
आइए आज हम मिलते हैं 'फरिश्तों' से। हां, यही संबोधन या 'देवदूत' या वो 'ताबीज', जो सबकी पीर हर ले। जिनकी तो तासीर ही यूं है ताबीजों...
घर के बाहर की क्यारी में मेरे बचपन की हसरत को पूरा करने के लिए मैंने कनेर का पेड़ लगा रखा है। जिंदगी हमेशा वहीं लौटना चाहती...
कोरोना वायरस के संक्रमण से सारा विश्व हैरान-परेशान है। इसी संदर्भ में चीन का वुहान मार्केट सबकी नजरों में आया और वायरल...
आज इंदौर के अखबारों में दसवीं के तीन छात्रों के एक्सीडेंट की खबर प्रमुखता से छपी है। उनमें से एक बच्चे का जन्मदिन था।...
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