सुशील कुमार शर्मा

वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा
भगत सिंह एक प्रखर देशभक्त और अपने सिद्धांतों से किसी भी कीमत पर समझौता न करने वाले बलिदानी थे। भगत सिंह के जो प्रत्यक्ष...
नारी का सम्मान, बचाना धर्म हमारा, सफल वही इंसान, लगे नारी को प्यारा। जीवन का आधार, हमेशा नारी होती,
मां-बेटी-पत्नी-बहन, नारी रूप हजार, नारी से रिश्ते सजे, नारी से परिवार। नारी बीज उगात है, नारी धरती रूप,
नारी का अभिमान, प्रेममय उसका घर है, नारी का सम्मान, जगत में उसका वर है।
नारी तुम स्वतंत्र हो, जीवन धन यंत्र हो। काल के कपाल पर, लिखा सुख मंत्र हो। सुरभित बनमाल हो, जीवन की ताल हो।
चाहे कितना भी तुम मना करो, मान भी जाओ कि तुम मेरी हो। तपते जीवन की धूपों में, तुम शीतल छांव घनेरी हो।
जिस दिन से घर में आती हैं बेटियां, माता-पिता की इज्जत बन जाती हैं बेटियां। भारत के विकास की डोर थामे हैं बेटियां,
मानव अधिकारों में आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के समक्ष समानता का अधिकार एवं शिक्षा का अधिकार आदि नागरिक...
हिन्दी दिवस पर हिन्दी कविता- हिन्दी दिवस, सुना-सुनाया-सा नाम लगता है। अच्छा आज हम हिन्दी पर, हिंग्लिश में बात करेंगे।
चंद्रशेखर आजाद पर हिन्दी कविता- तुम आजाद थे, आजाद हो, आजाद रहोगे, भारत की जवानियों के तुम खून में बहोगे।
देशप्रेम, वीरता और साहस की एक ऐसी ही मिसाल थे शहीद क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद। 25 साल की उम्र में भारतमाता के लिए शहीद...
गुरु के दोहे आज भी पथप्रदर्शक के रूप में प्रासंगिक है। गुरु द्वारा बताए रास्ते पर चलकर हम जीवन का कल्याण कर सकते हैं।...
भगवान नरसिंह में वे सभी लक्षण थे, जो हिरण्यकश्यप के मृत्यु के वरदान को संतुष्ट करते थे। भगवान नरसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप...
यद्यपि आज के समय की तथाकथित भौतिकवादी सोच एवं पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव, स्वार्थ एवं संकीर्णताभरे वातावरण से होली...
मथुरा में बरसाने की होली प्रसिद्ध है। बरसाना राधाजी का गांव है, जो मथुरा शहर से करीब 42 किमी अंदर है। यहां एक अनोखी होली...
होली मुक्त स्वच्छंद हास-परिहास का पर्व है। यह संपूर्ण भारत का मंगलोत्सव है। फागुन शुक्ल पूर्णिमा को आर्य लोग जौ की...
नारी पर कविता - नारी तुम स्वतंत्र हो, जीवन धन यंत्र हो। काल के कपाल पर, लिखा सुख मंत्र हो।
नारी पर दोहे- नारी का सम्मान ही, पौरूषता की आन, नारी की अवहेलना, नारी का अपमान।
आज लहू केसर बन जाए, दुश्मन को ललकार कर। आज उठा बंदूक है भारत, वीरों की जयकार कर।
आदि माता नर्मदे आत्मपोषी। मां आशुतोषी मां आशुतोषी। उमारूद्रांगसंभूता, हे पावन त्रिकूटा। ऋक्षपादप्रसूता, रेवा, चित्रकूटा।...
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