Festival Posters

बहन को आज़ाद कराने जब कोठे पर ग्राहक बना भाई

Webdunia
बुधवार, 10 जनवरी 2018 (14:24 IST)
मनीष शांडिल्य (पटना से)
 
बिहार में बेगूसराय ज़िले के कस्बाई इलाके बखरी में एक नौजवान एक दलाल को रुपए देता है। इसके बाद वह एक महिला के साथ कमरे में दाखिल होता है और चंद मिनटों के बाद ही निकल कर लौट जाता है।
 
 
फिर कुछ समय बाद वही नौजवान पुलिस के साथ वापस पहुंचता है। इस बार वह उस महिला को देह व्यापार के दलदल से बाहर निकालने आया है। दरअसल वह महिला कोई और नहीं बल्कि उसकी अपनी बहन है।
 
पहली नजर में ये चौंकाने वाली घटना फ़िल्मी या काल्पनिक लग सकती है लेकिन बुधवार को बखरी में कुछ ऐसा ही हुआ। पुलिस कार्रवाई में दो महिलाओं को देह व्यापार के चंगुल से मुक्त कराया गया। इनमें से जिनका ऊपर जिक्र है वह बिहार के शिवहर जिले से हैं और दूसरी महिला झारखंड की हैं।
 
 
परिचित फेरी वाले को देख जगी आस
शिवहर की प्रतिमा (बदला हुआ नाम) ने अपने मायके पहुंचने के बाद बीबीसी को फोन पर बताया, "करीब तीन साल पहले अशोक खलीफा सीतामढ़ी से भगाकर मुझे बखरी लाया और फिर मुझसे यह काम कराने लगा।" बखरी में वह अपने बेटे के साथ रहती थीं। उनके मुताबिक उन्हें बंद करके रखा जाता था। वह कहीं निकल नहीं पाती थीं।
 
उन्होंने आगे बताया, "करीब दो हफ्ते पहले मेरे यहां एक फेरीवाला आया तो हम उसको देख कर बोले कि हम तुमको पहचान रहे हैं। वह भी बोला कि हम भी तुमको पहचान रहे हैं। इसके बाद हम उनका नंबर लिए और यहां से निकलने के लिए उससे बात करते थे।"
 
दरअसल वह फेरीवाला प्रतिमा के मायके का था।
मायकेवालों तक पहुंची ख़बर
फेरी वाले ने शिवहर आकर पूरा मामला प्रतिमा के परिवारवालों को बताया जिसके बाद प्रतिमा को आज़ाद कराने उनके मायकेवाले बेगूसराय पहुंचे। प्रतिमा के भाई मनोज (बदला हुआ नाम) ने उनकी रिहाई की कहानी इन शब्दों में बयान की, "फेरीवाले ने बहन को बता रखा था कि मैं आऊंगा। मैं अशोक खलीफा के पास ग्राहक बनकर पहुंचा। दो सौ रुपये देने के बाद उसने मुझे दो लड़की दिखाई।"
 
 
"मैंने इशारे में अपनी बहन को चुना। इसके बाद में कमरे में अपनी बहन के साथ करीब पांच मिनट रहा और उससे ये कहकर वहां से निकल गया कि थाने से पुलिस लेकर आता हूं।" इसके बाद प्रतिमा के पिता के द्वारा दर्ज एफ़आईआर पर बखरी थाने की पुलिस ने बुधवार को छापेमारी कर प्रतिमा और एक अन्य महिला को आजाद कराया।
 
आख़िर अपने घर पहुंची पीड़िता
बखरी थानाध्यक्ष शरत कुमार के बीबीसी को बताया, "प्रतिमा की रिहाई के बाद गुरुवार को उनकी मेडिकल जांच कराई गई और शुक्रवार को अदालत में उनका बयान दर्ज कराया गया। इसके के बाद उन्हें उसी दिन उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।"
 
एफ़आईआर में नामित दो लोगों में से एक नसीमा खातून को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरे अशोक खलीफ़ा अभी फरार हैं। प्रतिमा शुक्रवार की आधी रात को बेगूसराय से अपने मायके शिवहर पहुंच चुकी हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

अमेरिका-रूस के बीच तनाव, वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर पर US नेवी ने किया कब्जा

सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण पर नए फैसले के क्या हैं मायने

Delhi Riots : कोर्ट ने 4 आरोपियों की रिहाई के दिए आदेश, उमर और शरजील को नहीं मिली जमानत

Redmi Note 15 5G : सस्ता 5जी स्मार्टफोन, धांसू फीचर्स, कीमत में डिस्काउंट के साथ मिल रही है छूट

Aadhaar PVC कार्ड बनवाना हुआ महंगा, जानिए अब कितना देना होगा चार्ज?

सभी देखें

मोबाइल मेनिया

Redmi Note 15 5G : सस्ता 5जी स्मार्टफोन, धांसू फीचर्स, कीमत में डिस्काउंट के साथ मिल रही है छूट

Year End Sale : Motorola G05 पर बड़ी छूट, 7,299 में दमदार फीचर्स वाला स्मार्टफोन

iPhone 18 Pro में दिखेंगे बड़े बदलाव, नया डिजाइन, दमदार A20 Pro चिप, कैमरा और बैटरी में अपग्रेड

जनवरी 2026 में स्मार्टफोन लॉन्च की भरमार, भारतीय बाजार में आएंगे कई दमदार 5G फोन

Best Budget Smartphones 2025: 15000 से कम में Poco से Lava तक दमदार स्मार्टफोन, जिन्होंने मचाया धमाल

अगला लेख