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फिल्म ना करना हो तो क्या बहाना बनाते हैं वरुण धवन

रूना आशीष
वरुण धवन ने बातचीत में कहा कि इन दिनों मुझे किसी भी चीज़ में इतना मजा नहीं आता जितना मजा अपनी भतीजी के साथ खेलने में आ रहा है। उसके साथ अच्छा लगता है। बल्कि अब परिवार वालों के साथ भी बहुत मज़ा आने लगा है। पैसा कमाना सब कुछ नहीं होता है। हर फिल्म की सफलता या सफलता का फर्क जैसे प्रत्येक पर पड़ता है वैसा ही मुझे पर भी पड़ता है, लेकिन परिवार साथ में हो तो सबसे अच्छी बात है। 
 
इन दिनों वेब सिरीज़ करना फैशन बन गया है। आप दिखेंगे कभी वेब पर? 
मुझे अच्छा लगेगा कि मै वेब सिरीज़ करूं, लेकिन ज़रूरी है कि कुछ बहुत ही ज़बरदस्त चीज़ हो। बिलकुल आउट ऑफ द बॉक्स। 
 
करियर की शुरुआत और वर्तमान में, फिल्म मिलने में कितना अंतर आया है? 
बहुत अंतर आया है। पहले जब करियर शुरू किया था तो उम्मीदें लगाए रखता था कि कैसे भी हो, मेरे पास अच्छी फिल्में आएं। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि मेरे पास लगातार फिल्में आएं ये भी ज़रूरी था। लेकिन अब आशा रहती है कि फिल्में आएं तो कहानी बहुत अच्छी हों। परफॉर्म करने को मिले। लेकिन एक दिक्कत भी हो गई है। अब कई लोग कहानियां लेकर आते हैं और मुझे उन्हें मना करना पड़ता है। मुझे ऐसा करने में बुरा लगता है। ऐसे में मैं उन लोगों को डेट्स ना होने का बहाना बना देता हूं। 
 
ये तो फिल्म की बात हुई। पर्सनल लाइफ में कोई अंतर आया? 
जब मैंने फिल्मों में एंट्री की थी तो बिल्कुल बच्चा था, लेकिन अब मै बड़ा हो गया हूं। मैं ज़िम्मेदार हो गया हूं। लेकिन अभी और ज़िम्मेदार होना है मुझे। 
 
आप नेपोटिज़्म की बात से इंकार नहीं करते? 
मेरे पिता ने इंडस्ट्री में बहुत काम किया है। नाम मिला, शोहरत मिली। उनकी फिल्में भी बहुत चलीं। मेरा फिल्मों में आने का रास्ता बहुत आसान रहा है, लेकिन यह सफर सिर्फ इतना ही नहीं है। अगर फिल्म इंडस्ट्री ने मुझे अपनाया है तो भी मुझे भी इस आसानी से मिली शोहरत वाली कुर्सी को बचाए रखना होगा। बहुत मेहनत करनी पड़ती है इसके लिए। अगर मेहनत नहीं की तो मेरा हाल भी उन स्टार्स के बच्चों की तरह होगा जो कहां गुम हो गए किसी को पता ही नहीं चला। 
 
यानी बहुत पापड़ बेले हैं? 
हां। अपना सौ प्रतिशत देते रहना पड़ता है वरना गुम होने में समय नहीं लगेगा। सफल इंसान को भी तो सफल बने रहने को लिए कितनी कड़ी मेहनत करते रहना होता है। मैं काम में लगने वाली मेहनत की बात नहीं करता, वो तो मुझे करना ही है। लेकिन मैं उस मेहनत की बात कर रहा हूं जिसकी वजह से कई निर्माताओं और निर्देशकों का भरोसा मुझ पर आया है। लोग मेरे काम को सराहते हैं, वो मुझे देखने के लिए सिनेमाघरों में आते हैं। वो मेरे नाम से टिकिट खरीदते हैं। मुझे बहुत सारी मेहनत करके अपने इस प्यार को बरकरार रखना होगा। 

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