Hanuman Chalisa

शाहरुख ने छात्रों से कहा, करियर का चयन करते समय दिल की सुनें

Webdunia
सोमवार, 26 दिसंबर 2016 (20:11 IST)
हैदराबाद। सुपर स्टार शाहरुख खान ने आज युवा छात्रों से कहा कि वे अपने दिल की सुनें और वही करें जो वह करना चाहते हैं ताकि जीवन में आगे जाकर उन्हें अपने करियर को लेकर कोई अफसोस न हो।
उन्होंने कहा कि जब आप मेरी या अपने माता पिता की या अपने शिक्षक की उम्र के होंगे तो कहीं न कहीं यह मलाल होगा कि मैंने (करियर के तौर पर) वह क्यों नहीं किया। मैं हर लड़के और लड़की से सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि वही करो, जहां आपका दिल हो।’ 
शाहरूख यहां मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बातचीत कर रहे थे जहां उन्हें उर्दू भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया। अभिनेता ने अपने मरहूम पिता को याद किया, जिनकी माली हालत भले बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन उन्होंने उन्हें जिंदगी में बहुत सी चीजें सिखाईं। उन्होंने कहा कि वह हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी के साथ शतरंज खेला करते थे। 
 
51 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें जो सबक सिखाए उनमें दूसरों के साथ मिलकर काम करने का हुनर और आगे बढ़ने के लिए कभी कभी थोड़ा पीछे हटने की सीख शामिल है। उन्होंने कहा, कोई छोटा नहीं है। आपको सबकी इज़्ज़त करनी चाहिए। 
 
शाहरूख ने कहा कि ‘उन्होंने मुझे एक टाइपराइटर दिया। टाइपिंग में बहुत एकाग्रता की जरूरत होती है। जब मैंने टाइपिंग सीखी तो मुझे अहसास हुआ कि अभ्यास आपको उत्तम बनाता है। आप जीवन में जो भी करें, एकाग्रता से करें जैसे यह करने का आखिरी मौका है।’
 
शाहरूख ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें हंसने हंसाने की आदत और बच्चों जैसी मासूमियत सदा बनाए रखने को कहा। अभिनेता ने कहा कि ‘अगर आप हास्यवृत्ति के साथ चीजों को देखते हैं तो जिंदगी बेहतर होगी।’यह मानते हुए कि रचनात्मक अभिव्यक्ति का कोई भी रूप भावनाओं को जाहिर करने का बेहतरीन जरिया है, शाहरुख ने कहा कि ऐसी आदत होने से अकेलेपन में भी सुकून रहता है।
 
उन्होंने कहा कि‘मैं खराब शायर हूं। लेकिन फिर भी कुछ न कुछ लिखता रहता हूं.. जब मैं लिखता हूं, मुझे शांति मिलती है।’ इससे पहले चांसलर जफर सरेशवाला ने उर्दू भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने में योगदान के लिए विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में खान और रेखता फाउंडेशन के संस्थापक संजीव सराफ को ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ प्रदान किए।
 
मानद डॉक्टरेक्ट की उपाधि दिए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए खान ने कहा कि उन्हें यह सम्मान मिलने से उनके पिता खुश होंगे क्योंकि वह स्वतंत्रता सेनानी थे और मौलाना आजाद तथा उच्च शिक्षा के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान था। शाहरूख ने कहा कि वह उन्हें दी गई जिम्मेदारी को निभाने की कोशिश करेंगे। (भाषा)
Show comments

बॉलीवुड हलचल

धुरंधर की कहानी जब आदित्य धर ने रणवीर सिंह को सुनाई तब क्या था उनका रिएक्शन

धुरंधर 2: रणवीर सिंह की फिल्म ने पहले दो दिनों में की धमाकेदार कमाई, 250 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार

तमन्ना भाटिया का HOT साड़ी अवतार: हर एंगल से दिखा स्टाइल, कॉन्फिडेंस और चार्म का परफेक्ट कॉम्बिनेशन

धुरंधर की सारा अर्जुन: एक चाइल्ड आर्टिस्ट से उभरती स्टार तक का सफर

एक फिल्ममेकर, तीन सुपरहिट्स और अनगिनत बहसें: आदित्य धर का उभरता सिनेमाई साम्राज्य

सभी देखें

जरूर पढ़ें

धुरंधर द रिवेंज की कहानी: रणवीर सिंह फिर तैयार, क्या सीक्वल पार करेगा 1500 करोड़ का आंकड़ा?

टॉक्सिक मूवी प्रिव्यू: यश का डबल रोल, गोवा के अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्म 19 मार्च 2026 को होगी रिलीज

बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर

सुबह 4:30 बजे उठती हैं तमन्ना भाटिया, जानिए क्या है उनकी फिटनेस और डाइट का असली राज

बॉर्डर 2 के बाद गबरू, इक्का सहित सनी देओल की इस साल ये 5 फिल्में और होंगी रिलीज

अगला लेख