rashifal-2026

पितृ पक्ष कब से शुरू हो रहा है और कब तक रहेगा, जानिए ज्योतिषीय नज़रिया

अनिरुद्ध जोशी
shradha paksha
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक कुल 16 दिनों तक चलता है। श्राद्ध की 16 तिथियां होती हैं, पूर्णिमा, प्रतिपदा, द्वि‍तीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्टी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी और अमावस्या। अब जब भी पूर्णिमा होगी उस दिन से श्राद्ध प्रारंभ मान लिया जाएगा। पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ इस बार 1 सितंबर से प्रारंभ होकर 2 सितंबर तक रहेगा इसीलिए तारीख तो दो है परंतु तिथि एक ही है।
 
ALSO READ: श्राद्ध पक्ष की यह कथा आपको हैरान कर देगी : कर्ण के कारण मनता है श्राद्ध
हिन्दू पंचांग में एक तिथि 19 से लेकर 24 घंटे तक हो सकती है। लेकिन अंग्रेजी तारीखें 24 घंटे के बाद रात्रि को परिवर्तित हो जाती है जो कि वैज्ञानिक नहीं है। इसीलिए कई बार एक अंग्रेजी तारीख में दो तिथियां भी होती हैं। परंतु इसमें सूर्योदय की तिथि को मुख्य तिथि माना जाता है। 1 सितंबर को चतुर्दशी तिथि सुबह 09:40:54 तक रहेगी इसके बाद पूर्णिमा प्रारंभ हो जाएगी। इसके बाद पूर्णिमा अगले दिन सुबह 10:53:42 तक रहेगी। स्थानीय समय अनुसार इसमें कुछ एक मिनट की घट-बढ़ रहेगी। पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म दोपहर में ही किए जाते हैं अत: स्थानीय समय अनुसार ही श्राद्ध करें।
 
पितृ पक्ष तिथि प्रारंभ 2020
*पितृ पक्ष प्रारंभ तिथि की तारीख - 1 सितंबर 2020
*पितृ पक्ष समाप्ति तिथि की तारीख -17 सितंबर 2020
ALSO READ: श्राद्ध पक्ष 2020 : दिन के किस समय में करते हैं श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान
वर्ष 2020 में पितृपक्ष वैसे तो 01 सितंबर 2020 से ही प्रारंभ हो रहा है परंतु कुछ विद्वान 02 सितंबर से प्रारंभ मान रहे हैं। यह श्राद्ध पक्ष 17 सितंबर 2020 तक रहेगा, इसके बाद 18 सितंबर से पुरुषोत्तम पास प्रारंभ होकर यह मास 16 अक्टूबर 2020 तक रहेगा जिसे मलमास या अधिकमास भी कहते हैं। इसके बाद ही नवरात्रि का पर्व प्रारंभ होगा। इस बार अनंत चतुर्दशी 31 अगस्त को भी है और 1 सितंबर को भी।
ALSO READ: श्राद्ध पक्ष 2020 : श्राद्ध पक्ष की 16 तिथियां, किस तिथि में करें किसका श्राद्ध, जानिए
श्राद्ध पक्ष 2020 सूची
1. पहला श्राद्ध 1 सितंबर 2020 : पूर्णिमा
2. दूसरा श्राद्ध 2 सितंबर : पूर्णिमा
3. तीसरा श्राद्ध 3 सितंबर : प्रतिपदा
4. चौथा श्राद्ध 4 सितंबर : द्वितीया
5. पांचवा श्राद्ध 5 सितंबर : तृतीया (महाभरणी) 
6. छठा श्राद्ध 6 सितंबर : चतुर्थी 
7. सांतवा श्राद्ध 7 सितंबर : पंचमी
8. आंठवा श्राद्ध 8 सितंबर : षष्ठी
9. नवां श्राद्ध 9 सितंबर : सप्तमी
10. दसवां श्राद्ध 10 सितंबर : अष्टमी
11. ग्यारहवां श्राद्ध 11 सितंबर : नवमी
12. बारहवां श्राद्ध 12 सितंबर : दसमी
13. तेरहवां श्राद्ध 13 सितंबर : एकादशी
14. चौदहवां श्राद्ध 14 सितंबर : द्वादशी
15. पंद्रहवां श्राद्ध 15 सितंबर : त्रयोदशी
16. सौलवां श्राद्ध 16 सितंबर : चतुर्दशी
17. सत्रहवां श्राद्ध 17 सितंबर : (सर्वपितृ अमावस्या)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

09 January Birthday: आपको 9 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 09 जनवरी 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

Makar Sankranti Kite Flying: मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का पर्व: एक रंगीन उत्सव, जानें इतिहास, महत्व और प्रभाव

लोहड़ी पर किस देवता की होती है पूजा?

अगला लेख