rashifal-2026

क्रिसमस पर हैप्पी क्रिसमस की बजाय क्यों कहते हैं मैरी क्रिसमस?

Webdunia
Why say Merry Christmas: 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म दिवस को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन चर्च में विशेष तौर पर सामूहिक प्रार्थना भी की जाती है। इस दिन लोग चर्च जाते हैं और क्रिसमस कैरोल (धार्मिक गीत) गाते हैं। सैंटा क्लॉज बच्चों को गिफ्‍ट देते हैं और सभी एक दूसरे को मैरी क्रिसमस कहते हुए क्रिसमस की बधाई देते हैं। आखिर मैरी क्रिसमस क्यों कहते हैं? मैरी क्रिसमस दो कारणों से कहा जाता है-
 
 
पहला कारण : प्रभु यीशु की माता का नाम मरियम था। उन्हें मदर मैरी भी कहा जाता है। इसीलिए संभवत: मैरी क्रिसमस कहा जाता है।
 
दूसरा कारण : जर्नन और ओल्ड इंग्लिश में मैरी शब्द का अर्थ ही खुशी होता है। यानी हैप्पी होता है। इसीलिए क्रिसमय पर बधाई देने के लिए हैप्पी की जगह मैरी शब्द का उपयोग किया जाता है। 18वीं सदी में मशहूर साहित्यकार चार्ल्स डिकेंस ने अपनी अपनी किताब 'अ क्रिसमस कैरोल' में सबसे ज्यादा मैरी शब्द का प्रयोग किया था। इसके बाद से ही यह शब्द प्रचलन में आ गया।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

धार की भोजशाला: जहाँ पत्थरों पर खुदी है 'संस्कृत' और दीवारों में कैद है परमारों का वैभव

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Narmada Jayanti 2026: 25 जनवरी को मनेगा मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव, जानें कलियुग में कैसे करें मां नर्मदा की भक्ति

भगवान देवनारायण की रहस्यमयी कथा: कौन थे और क्यों माने जाते हैं अवतार?

Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय

नर्मदा जयंती 2026: कब है, क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका धार्मिक महत्व?

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल

अगला लेख