suvichar

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

गैस सिलेंडर खत्म होने का डर छू मंतर! बिना LPG गैस के भी पक सकता है खाना, ये 7 तरीके हैं सबसे बेस्ट

Advertiesment
7 Alternatives  Cooking to LPG Gas
7 Alternatives to LPG Gas: भारत में 70 साल पहले कौनसी गैस हुआ करती थी, लोग पारंपरिक विकल्प का ही उपयोग करते थे। हालांकि आजकल लकड़ी या कोयले के अलाव भी बहुत सारे विकल्प है। LPG गैस महंगी होने पर खाना पकाने के लिए क्या करें? जानिए LPG के अलावा 7 सस्ते और आसान विकल्प, जिनसे कम खर्च में आसानी से बना सकते हैं खाना। 
 

1. इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop)- सबसे तेज़ और सुरक्षित

यह बिजली से चलने वाला सबसे लोकप्रिय विकल्प है। यह गैस की तुलना में खाने को जल्दी पकाता है और इसमें आग लगने का खतरा नहीं होता।
फायदा: इसमें टाइमर सेट किया जा सकता है, जिससे खाना जलने का डर नहीं रहता। आजकल के आधुनिक इंडक्शन बहुत कम बिजली खर्च करते हैं।
 

2. सोलर कुकर (Solar Cooker)- मुफ़्त की ऊर्जा

अगर आपके घर में अच्छी धूप आती है, तो सोलर कुकर एक 'जीरो कॉस्ट' विकल्प है। इसमें खाना पकने में समय थोड़ा ज्यादा लगता है, लेकिन यह सेहत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
फायदा: ईंधन का कोई खर्च नहीं, पूरी तरह प्रदूषण मुक्त।
टिप: दाल और चावल बनाने के लिए यह सबसे बेहतरीन है।
 

3. इलेक्ट्रिक राइस कुकर और मल्टी-कुकर (Multi-Cooker)

यह सिर्फ चावल बनाने के लिए नहीं है। आजकल के मल्टी-कुकर में आप सब्जी, पुलाव, ढोकला और यहाँ तक कि सूप भी बना सकते हैं।
फायदा: इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है (पोर्टेबल) और यह बहुत कम जगह घेरता है।
 

4. एयर फ्रायर (Air Fryer)- आधुनिक तकनीक

अगर आप तलने (Frying) या भूनने (Roasting) वाले शौकीन हैं, तो एयर फ्रायर LPG का एक शानदार विकल्प है। इसमें बिना तेल या बहुत कम तेल में पकौड़े, समोसे और सब्जियाँ तैयार हो जाती हैं।
फायदा: सेहत के लिए अच्छा और गैस की झंझट से मुक्ति।
 

5. बायोमास या धुआं रहित चूल्हा (Smokeless Chulha)

अगर आप गाँव या ऐसे इलाके में हैं जहाँ लकड़ियाँ आसानी से उपलब्ध हैं, तो आधुनिक 'स्मोकलेस चूल्हा' इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पारंपरिक चूल्हे की तरह धुआं नहीं फैलाता।
फायदा: लकड़ियों का इस्तेमाल होने के बावजूद यह पर्यावरण के लिए कम नुकसानदेह है।
 

6. लोहे की सिंगड़ी (अंगिठी) (Iron Stove/Angithi)

लोहे की सिगड़ी भारतीय घरों में दशकों से इस्तेमाल होने वाला एक पारंपरिक और भरोसेमंद साधन है। जब LPG गैस न हो या कड़ाके की ठंड हो, तो यह खाना पकाने और घर को गर्म रखने का सबसे सस्ता विकल्प बनती है। सिगड़ी में मुख्य रूप से दो तरह के ईंधन इस्तेमाल होते हैं:- लकड़ी का कोयला और सूखी लकड़ी। 
फायदा: सिगड़ी की धीमी आंच पर पका हुआ खाना (जैसे दाल, बाटी, या भुना हुआ बैंगन) गैस के मुकाबले कहीं ज्यादा स्वादिष्ट और सोंधा होता है। यह खरीदने में बहुत सस्ती होती है और इसमें महंगे LPG रिफिल की जरूरत नहीं पड़ती। लोहे की होने के कारण यह सालों-साल चलती है और टूटती नहीं।
 

7. कंडा (Dried dung fuel or Cow dung cake)

कंडा (जिसे उपला, गोइठा या बीट भी कहा जाता है) भारतीय ग्रामीण जीवन और रसोई का एक अभिन्न हिस्सा है। यह गाय या भैंस के गोबर को सुखाकर तैयार किया गया एक पारंपरिक प्राकृतिक ईंधन है। इस पर आप लिट्टी-चोखा और बाटी बना सकते हैं और एक तपेली में दाल, चावल या सब्जी को रखकर उसे पका सकते हैं। 
 
फायद: कंडे की आग को 'मद्धम आंच' (धीमी आंच) के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। कंडे की आंच पर बनी रोटी, दाल या बाटी में एक खास तरह की 'सोंधी' खुशबू और स्वाद आता है जो गैस पर कभी नहीं मिल सकता। अगर कंडा पुराना हो जाए या जलकर राख बन जाए, तो वह पौधों के लिए बेहतरीन जैविक खाद (Organic Fertilizer) का काम करता है।
 
प्रो टिप: आपात स्थिति के लिए घर में एक छोटा इलेक्ट्रिक केटल (Electric Kettle) जरूर रखें, इसमें आप कम से कम चाय, कॉफी, मैगी या अंडे तो उबाल ही सकते हैं।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Rani Avanti Bai Lodhi: 20 मार्च, रानी अवंति बाई बलिदान दिवस, जानें 5 खास बातें