rashifal-2026

भारत ने 18 माह में लगाए 200 करोड़ कोरोना वैक्सीन, रचा इतिहास

Webdunia
रविवार, 17 जुलाई 2022 (12:29 IST)
नई दिल्ली। भारत में राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण अभियान के 548 वें दिन रविवार को 200 करोड़ कोविड टीके लगाने का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया। चीन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत दूसरा देश है।
 
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देश में 200 करोड़ से अधिक कोविड टीके लगाए जा चुके हैं। देश में कोविड का पहला टीका 16 जनवरी 2021 को लगाया गया था। 200 करोड़ कोविड टीके लगाने का आंकड़ा 18 महीनों में प्राप्त कर लिया है।
 
शुरूआत में स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को कोविड टीका दिया गया था। बाद में इसे समाज के सभी वर्गों को आयु के अनुसार उपलब्ध कराया गया। फिलहाल देश में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को कोरोना का निशुल्क टीका उपलब्ध कराया जा रहा है।
देश में राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण अभियान के अंतर्गत स्वदेश में निर्मित कोविशील्ड और कोवैक्सिन के कोविड टीके लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर विदेशी टीके जैसे स्पूतनिक तथा अन्य विदेशी टीके उपलब्ध हैं। देश में 18 वर्ष से कम आयु की आबादी के लिए विशेष रुप से टीके बनाए गए हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

पापा, मैं अजित पवार के साथ बारामती जा रही हूं, एयर होस्टेस पिंकी की आखिरी कॉल, भावुक पिता ने क्या बताया

कौन थे अजीत पवार का जेट उड़ाने वाले कैप्टन सुमित कपूर, Learjet का माना जाता था Expert

कौन थीं अजित पवार का प्लेन उड़ाने वाली कैप्टन शांभवी पाठक, 25 साल उम्र में दर्दनाक मौत, कितने साल का था अनुभव, MP से क्या था कनेक्शन, कैसे भरी थी सपनों की उड़ान

क्या था 70,000 करोड़ का सिचाई घोटाला, कैसे जुड़ा था अजित पवार का नाम

अजित पवार की तरह विमान हादसे में गई थी इन दिग्गजों की जान, देखें Photos

सभी देखें

नवीनतम

बारामती पहुंचने पर शरद पवार ने लोगों से पूछा- यह कैसे हुआ

Ajit Pawar Plane Crash : वक्त के पाबंद अजित पवार की कलाई घड़ी ने दी उनकी विदाई की गवाही

Ajit Pawar Plane Crash : परिवार और बच्चों को बिलखता छोड़ गए विदीप जाधव, पड़ोसियों की आंखों में तैर रही वह आखिरी मुस्कान

कब्जामुक्त कराएं जमीन, बख्शे न जाएं भू माफिया, CM योगी के सख्त निर्देश

काला नमक चावल, भगवान बुद्ध की धरती से विश्व बाजार तक पहुंची सदियों पुरानी विरासत

अगला लेख