Hanuman Chalisa

Lockdown के बाद भी सरकारी कर्मचारियों को करना पड़ेगा वर्क फ्रॉम होम

Webdunia
गुरुवार, 14 मई 2020 (15:27 IST)
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को निकट भविष्य में अलग-अलग कामकाजी घंटों में काम करना पड़ सकता है और ऐसा भी संभव है कि कर्मचारियों की उपस्थिति भी कम रहे। इसे देखते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद कर्मचारियों के लिए घर से काम करने के संबंध में एक मसौदे की रूपरेखा तैयार की है।
ALSO READ: लॉकडाउन में छात्रों के लिए सीएसआईआर-निस्केयर की ऑनलाइन प्रतियोगिता
इसमें कहा गया है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) अधिकारियों/कर्मचारियों को नीतिगत रूप से 1 साल में 15 दिन के लिए घर से काम करने का विकल्प मुहैया करा सकता है। अभी केंद्र सरकार के 48.34 लाख कर्मचारी हैं।
 
केंद्र सरकार के सभी विभागों को भेजी विज्ञप्ति में कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कई मंत्रालयों के लिए घर से काम करना अनिवार्य कर दिया है। इसमें कहा गया है कि भारत सरकार के कई मंत्रालय/विभागों ने राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-कार्यालय सुविधाओं का लाभ उठाकर लॉकडाउन के दौरान वैश्विक महामारी के खिलाफ निपटने में अनुकरणीय नतीजे दिए और सफलतापूर्वक कामकाज किया। यह भारत सरकार में अपनी तरह का पहला अनुभव था।
 
मंत्रालय ने कहा कि ऐसी संभावना है कि निकट भविष्य में केंद्रीय सचिवालय में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहे और कार्यस्थल पर सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए उन्हें अलग-अलग कामकाजी घंटों में काम करना पड़े।
 
मंत्रालय ने कहा कि इसलिए लॉकडाउन खत्म होने के बाद और घर पर बैठकर ही सरकारी फाइलों और सूचनाओं को हासिल करते हुए सूचना की सुरक्षा सुनिश्चित कर घर से काम करने के लिए एक व्यापक खाका महत्वपूर्ण है। इसी अनुरूप सरकार के कामकाज के सुचारु संचालन के लिए कर्मचारियों के वास्ते नई मानक संचालन प्रक्रियाएं तय की गई हैं। मंत्रालय/विभाग कर्मचारियों को लैपटॉप/डेस्कटॉप के रूप में साजोसामान संबंधी सहयोग मुहैया कराएंगे।
 
उन्हें घर से काम करते हुए इंटरनेट सेवाओं के लिए भुगतान भी किया जा सकता है। अगर जरूरत पड़ी तो इस संबंध में अलग से दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। दिशा-निर्देशों के मसौदे में सभी वीआईपी और संसद संबंधी मामलों के लिए अतिरिक्त प्रोटोकॉल का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि अत: ऐसी सभी प्राप्तियों के लिए एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजे जाएंगे।
 
मसौदे में कहा गया है कि जो मंत्रालय/विभाग ई-कार्यालय मॉड्यूल का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, वे समयबद्ध तरीके से अपने सचिवालय और अधीनस्थ कार्यालयों में इसका शीघ्र क्रियान्वयन करेंगे। अभी करीब 75 मंत्रालय/विभाग ई-कार्यालय मंच का सक्रियता से इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें से 57 ने अपने काम का 80 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल कर लिया है, हालांकि घर से काम करते हुए गोपनीय दस्तावेजों/फाइलों को प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
 
इसमें कहा गया है कि गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार ई-कार्यालय के जरिए किसी गोपनीय सूचना पर काम नहीं किया जाएगा इसलिए घर से काम करने के दौरान ई-कार्यालय में गोपनीय फाइलों पर काम नहीं किया जाएगा। एनआईसी गृह मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श कर गोपनीय फाइल/सूचना को हासिल करने के मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल का आकलन कर सकती है और इसके लिए उपयुक्त दिशा-निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं का प्रस्ताव दे सकती है।
 
कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि जिन अधिकारियों को आधिकारिक लैपटॉप मुहैया कराए गए, वे यह सुनिश्चित करें कि इन पर केवल आधिकारिक काम ही किया जाए। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि अंतरमंत्रालयी चर्चा, मंत्रालयों के बीच फाइलों के आदान-प्रदान ई-कार्यालय पर सुचारु रूप से हो सकता है।
 
इसमें कहा गया है कि घर से काम करते हुए एनआईसी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का महत्वपूर्ण बैठकों के लिए लाभ उठाना चाहिए। अधिकारी और कर्मचारी एनआईसी द्वारा उन्हें भेजे वीसी लिंक को एक्टिवेट कर बैठकों में भाग ले सकते हैं। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कार्यालयों में भी जितना संभव हो सके, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल करना चाहिए।
 
एनआईसी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए इसे मजबूत करने के लिए कहा गया है। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि घर से काम कर रहे अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकों में भाग लेते हुए कार्यालय का माहौल बनाए रखने के सभी नियमों का पालन करना चाहिए। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के सभी विभागों को 21 मई तक अपनी टिप्पणियां भेजने के लिए कहा गया है, ऐसा न होने पर यह मान लिया जाएगा कि मंत्रालय/विभाग प्रस्तावित मसौदे से सहमत हैं। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

हमलों को लेकर राहुल गांधी ने ममता बनर्जी को लगाया फोन, अभिषेक ने क्‍यों जताया आभार, जानिए क्‍या हुई बात?

Trump vs Iran : समझौते की उम्मीद या नए टकराव का खतरा? ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत

Strait of Hormuz खुलने पर भी तुरंत नहीं घटेंगी तेल की कीमतें, क्या हैं चुनौतियां, दुनिया पर क्या पड़ेगा असर

अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गरमाई राजनीति, शुभेंदु सरकार पर भड़के ममता और विपक्षी, आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा?

इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल: फायदे ज्यादा या नुकसान? वाहन मालिकों के लिए जरूरी जानकारी

सभी देखें

नवीनतम

Twisha Sharma Death Case में नया मोड़, CCTV में कैद हुई घटना, पुलिस मामले की जांच में जुटी, CBI ने खोले राज

Cockroach Janta Party के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को भारत लौटेंगे, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को आंदोलन का ऐलान

मेधावियों के सम्मान में तालियों से गूंजा सभागार, गर्व से दमके अभिभावकों के चेहरे

यूपी के स्कूलों में पुस्तकों की खरीद की होगी जांच, योगी सरकार कराएगी लाइब्रेरी आपूर्ति और भुगतान का सत्यापन

अगला लेख