Festival Posters

विमानों में बीच की सीट खाली छोड़ने से संक्रमण का खतरा कम

Webdunia
गुरुवार, 15 अप्रैल 2021 (14:40 IST)
नई दिल्ली। कोविड-19 पर एक नए अध्ययन के अनुसार विमानों में बीच की सीट खाली रखने से यात्रियों को संक्रमण से अधिक सुरक्षा मिल सकती है। अनुसंधानकर्ताओं में अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) के वैज्ञानिक भी शामिल थे।

ALSO READ: क्‍या आपको कोरोना छूकर निकल गया, कैसे पता करें आपको हो चुका है ‘कोरोना’
उन्होंने कहा कि कम दूरी के क्षेत्र में अधिक लोगों के लंबे समय तक रहने से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है।
 
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि एकल और दो गलियारे वाले विमानों पर सार्स-सीओवी-2 के प्रसार को लेकर प्रयोगशाला में किए गए अध्ययन में, जिस विमान में बीच की सीट खाली छोड़ी गई थी, उसमें यात्रियों से भरे विमान की तुलना में संक्रमण का खतरा 23 से 57 प्रतिशत कम देखा गया।
 
वैज्ञानिकों ने कहा कि ‘विमानों में बीच की सीट खाली छोड़कर सामाजिक दूरी के पालन से संक्रमण के अतिरिक्त खतरे को कम किया जा सकता है। स्थिति सामान्य होने पर बाद में एयरलाइन यात्रियों के बीच सामाजिक दूरी से संबंधित कोविड-19 के नियम को छोड़ सकते हैं। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

गेम की लत ने किया जिंदगी का गेम ओवर, आखिरी टास्‍क के बाद 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं, सुसाइड में लिखी ये बात

संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाए शशि थरूर, अखिलेश यादव ने तुरंत लपककर संभाला, देखें Viral Video

Lok Sabha में नहीं बोले PM मोदी, राहुल गांधी ने कहा- डरे हुए हैं

अपनी जान देकर 20 मासूमों को 'जीवनदान' दे गई आंगनवाड़ी की 'यशोदा', ममता की मिसाल देखकर निकल आएंगे आपके आंसू

पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब से शुरू हुई बहस अश्लील टिप्पणियों तक पहुंची, जानें क्या है पूरा विवाद

सभी देखें

नवीनतम

LIVE: जयशंकर ने बताया, भारत अमेरिका ट्रेड डील के पीछे कौन?

हड्डियों की कमजोरी का इलाज अब शरीर के प्रोटीन से? भारतीय वैज्ञानिकों की नई खोज

भारत-पाक मैच पर बड़ा फैसला: टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ नहीं खेलेगा पाकिस्तान, क्या बोले पीएम शहबाज शरीफ?

फ्लोरिडा गोल्फ कोर्स पर ट्रंप की हत्या की कोशिश करने वाले को उम्रकैद

India-US Trade Deal : डोनाल्ड ट्रंप की ‘दादागिरी’ पर भारी पड़ी अजित डोभाल की रणनीति, सीक्रेट मीटिंग से कैसे ठंडे पड़े थे US के तेवर

अगला लेख