Hanuman Chalisa

covid 19 : अंडमान निकोबार में कम किट में अधिक लोगों की जांच के लिए 'पूल टेस्टिंग' प्रक्रिया अपनाएंगे

Webdunia
बुधवार, 15 अप्रैल 2020 (16:20 IST)
पोर्ट ब्लेयर। अंडमान निकोबार प्रशासन ने कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ लड़ाई के तहत कम जांच किट से अधिक लोगों का परीक्षण करने के लिए 'पूल टेस्टिंग' पद्धति को अपनाने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि इससे उपलब्ध सीमित संसाधन का दक्षता से इस्तेमाल सुनिश्चित होगा।
ALSO READ: Corona से मंदी की चपेट में आया जर्मनी, इस साल के मध्य तक कायम रहने की आशंका
केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव चेतन बी. सांघी ने हाल में ट्वीट किया कि अंडमान निकोबार में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में कम के साथ अधिक करना महत्वपूर्ण है। हम 'पूल सैम्पल्स' (कई नमूनों को मिलाकर जांच) करेंगे ताकि एक चौथाई जांच किट का ही इस्तेमाल हो।
 
अधिकारी ने बताया कि देश में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने जांच की संख्या को बढ़ाने के लिए 'पूल नमूनों' की संभावना पर काम करने की सलाह दी थी। भारत के शीर्ष अनुसंधान संस्थान ने कहा कि भारत में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि के मद्देनजर प्रयोगशालाओं द्वारा जांच की संख्या बढ़ाना अहम है।
 
अधिकारी ने बताया कि वास्तविक समय में कोरोना वायरस की जांच के लिए कई नमूनों को मिलाकर जांच करने की अनुशंसा उन इलाकों के लिए की गई है, जहां पर कोविड-19 मरीजों की मिलने की बहुत कम संभावना है।
 
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने कहा कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में स्वास्थ्य प्रशासन के लिए जरूरी है कि वह उपलब्ध संसाधनों के जरिए कोविड-19 को फैलने से रोके जिसके चलते लॉकडाउन लागू किया गया है। अंडमान निकोबार में कोरोना वायरस से संक्रमण के 11 मामले सामने आए थे जिनमें से 10 संक्रमणमुक्त हो चुके हैं।
 
अधिकारी ने बताया कि शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि पूल टेस्टिंग आर्थिक रूप से भी लाभदायक है जो किसी इलाके की संक्रमण के संदर्भ में स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। इस नई पद्धति में कई नमूनों को एक साथ मिलाकर जांच की जाती है और अगर उसमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होती है तब उन सभी व्यक्तियों की अलग-अलग जांच की जाती है जिनके नमूने मिलाकर संयुक्त जांच की गई थी।
 
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि एक किट से 5 नमूनों की जांच होती है। इस प्रकार 100 नमूनों की जांच के लिए 25 किट की जरूरत होती है। इस बीच केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने राजधानी पोर्ट ब्लेयर के अटलांटा प्वॉइंट, मोहनपुरा मस्जिद और बिग्गीलाइन इलाके को अत्यधिक संक्रमित क्षेत्र घोषित किया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

War Lockdown in India 2026 : क्या सच में लगने वाला है देशव्यापी लॉकडाउन? वायरल PDF का सरकार ने बताया सच

Assam Assembly Elections 2026 : PM मोदी और प्रियंका गांधी के बीच तीखी जुबानी जंग

केरल में गरजे राजनाथ सिंह, बोले- 'भगवान अय्यप्पा अपने ही घर में सुरक्षित नहीं', LDF-UDF को बताया 'लूट और धोखाधड़ी' का गठबंधन

क्या भारत में बना था ईसा मसीह के कफन का कपड़ा? DNA रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

ट्रंप के 'फेवरेट' फील्ड मार्शल असीम मुनीर : क्या पाकिस्तान की 'हाई-स्टेक' कूटनीति रोक पाएगी मिडिल ईस्ट का महायुद्ध?

सभी देखें

नवीनतम

यूपी में छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दूसरा मौका, योगी सरकार फिर खोलेगी पोर्टल

उत्‍तर प्रदेश के तराई में आई श्वेतक्रांति, 51 हजार महिलाएं बनीं उद्यमी, 1500 गांवों में फैला दूध कारोबार

Hormuz पर भारत को ईरान का भरोसा, सुरक्षित हैं भारतीय, ट्रंप ने दी ईरान को खत्म करने की चेतावनी

Malda उपद्रव मामले पर supreme court सख्त, SIR विवाद को लेकर अधिकारियों को बंनाया बंधक, CBI और NIA को जांच के आदेश

रामजी के दर पर अडाणी परिवार, अयोध्या में किए रामलला के दर्शन

अगला लेख