Biodata Maker

कोरोना काल में परीक्षाएं, सरकार ने जारी की संशोधित SOP

Webdunia
शुक्रवार, 11 सितम्बर 2020 (14:35 IST)
नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के बीच परीक्षाएं आयोजित करवाने के संबंध में सरकार ने संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इसमें उस प्रावधान को हटा दिया गया है जिसमें लक्षण वाले उम्मीदवारों को क्वारंटाइन में रहते हुए परीक्षा देने की इजाजत थी।
 
स्वास्थ्य मंत्रालय के इस संशोधित दस्तावेज के मुताबिक, सामान्य तौर पर, लक्षण वाले उम्मीदवार को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाना चाहिए और अन्य साधनों की मदद से परीक्षा देने का अवसर देना चाहिए। अथवा, विश्वविद्यालय या शैक्षिणक संस्थान छात्र के स्वस्थ होने पर किसी बाद की तारीख पर परीक्षा लेने की व्यवस्था करे।
 
संशोधित एसओपी में कहा गया, 'अगर छात्र में लक्षण नजर आ रहे हैं तो परीक्षा में बैठने की इजाजत देना या इससे इनकार करना, इनमें से जो भी हो, वह परीक्षा संचालन अधिकारियों द्वारा इस मुद्दे पर पहले से जारी नीति के अनुरूप हो।'
 
इससे पहले मंत्रालय ने 2 सितंबर को जो दिशा-निर्देश जारी किए थे उनके मुताबिक निषिद्ध क्षेत्रों से आने वाले कर्मचारियों और परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित होने की इजाजत नहीं थी और ऐसे छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात इसमें कही गई थी।
 
एसओपी में कहा गया है कि केवल बिना लक्षण वाले कर्मियों और छात्रों को ही परीक्षा हॉल में प्रवेश की इजाजत है और फेस कवर तथा मास्क पहनना अनिवार्य है। इसमें खासतौर पर जोर दिया गया है कि परीक्षा केंद्र के भीतर पूरे समय मास्क पहने रखना होगा। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

पापा, मैं अजित पवार के साथ बारामती जा रही हूं, एयर होस्टेस पिंकी की आखिरी कॉल, भावुक पिता ने क्या बताया

कौन थे अजीत पवार का जेट उड़ाने वाले कैप्टन सुमित कपूर, Learjet का माना जाता था Expert

कौन थीं अजित पवार का प्लेन उड़ाने वाली कैप्टन शांभवी पाठक, 25 साल उम्र में दर्दनाक मौत, कितने साल का था अनुभव, MP से क्या था कनेक्शन, कैसे भरी थी सपनों की उड़ान

क्या था 70,000 करोड़ का सिचाई घोटाला, कैसे जुड़ा था अजित पवार का नाम

अजित पवार की तरह विमान हादसे में गई थी इन दिग्गजों की जान, देखें Photos

सभी देखें

नवीनतम

गांधीजी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण, मौलिक कविता: शांत पथ का यात्री

संसद में किसने कहा, सोने और चांदी की कीमतें बेकाबू, ग्रामीण भारत की कमर टूटी

नाथूराम गोड़से द्वारा महात्मा गांधी को गोली मारे जाने के बाद क्या हुआ?

अयोध्या जिला जेल से दो कैदी फरार, मचा हड़कंप, अधीक्षक समेत 6 सस्पेंड

चांदी 4 लाख पार, मात्र 8 माह में कैसे 3 लाख से ज्यादा बढ़े दाम

अगला लेख