shiv chalisa

कोरोनायरस महामारी के बीच शिगेला की दहशत, जानिए कैसे होती है बीमारी और क्या हैं बचाव के उपाय

बीजू गोपीनाथन केरल से (वेबदुनिया मलयालम)

Webdunia
सोमवार, 21 दिसंबर 2020 (21:15 IST)
कोझीकोड। कोरोना महामारी के बीच केरल में एक नई बीमारी सामने आई है शिगेला। राज्य के कालीकट जिले में एक 11 वर्षीय की मौत के बाद केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने आम जनता से शिगेला के बारे में सावधानी रखने की अपील की है। आंत के संक्रमण शिगेला से 11 वर्षीय एक बच्चे की मौत होने के बाद लोगों के बीच इस नए संक्रमण को लेकर खौफ का माहौल है।
ALSO READ: खुशखबर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का बड़ा ऐलान- भारत में कोरोना का बुरा दौर खत्म, जनवरी में किसी भी दिन शुरू किया जा सकता वैक्सीनेशन
कैसे होती है बीमारी : यह बीमारी शिगेला नाम के बैक्टीरिया के कारण होती है। कोई व्यक्ति दूषित पानी पीने, बासी खाना खाने और शिगेला से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने में से शिगेला बीमारी से संक्रमित हो सकता है। 10 साल से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा प्रभावित करती है। बड़े भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। इससे प्रभावित होने वाले लोगों को बुखार पेट दर्द की परेशानी होती है। खूनी दस्त भी हो जाते हैं। एंटीबायोटिक्स दवाओं से इसका असर कम किया जाता है।
 
शिगेला से बचने के लिए डॉक्टर बार-बार साबुन से हाथ धोने की सलाह देते हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञ संक्रमण के मुख्य स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि अभी तक केवल 6 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि की गई है और 25 अन्य संक्रमण के संदिग्ध मामले हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि दूषित पानी पीने या बासी भोजन का सेवन करने से व्यक्ति शिगेला संक्रमण की चपेट में आ सकता है।
 
शैलजा ने कहा कि हमने प्रभावित इलाकों में सभी घरों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण पानी और भोजन के जरिए फैल सकता है। अच्छी साफ-सफाई रखने पर इसको फैलने से रोका जा सकता है। 

शिगेला से बचने के लिए स्वच्छता आवश्यक है। भोजन से पहले और शौच के बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएं। इसे केवल उबला हुआ पानी पीने की आदत डालें। खुले में शौच से बचें। बेबी डायपर का ठीक से निपटान करें। बासी खाना न खाने की चेतावनी भी दी गई है।

खाद्य पदार्थों को ठीक से ढंककर रखें। शौचालय और बाथरूम को समय-समय पर साफ-सुथरा और कीटाणुरहित करें। फलों और सब्जियों का उपयोग धोने के बाद ही करें। लक्षणों वाले लोगों के लिए ओआरएस घोल, नमकीन दलिया पानी का सेवन करना फायदेमंद है। पेयजल स्रोतों को क्लोरीनयुक्त किया जाना चाहिए।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

प्रधानमंत्री मोदी नहीं जाएंगे ढाका, रहमान के शपथ समारोह में नहीं होंगे शामिल, जानिए कौन करेगा भारत का प्रतिनिधित्‍व

टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना पर विवाद, क्या बोले सीएम फडणवीस?

ऑनलाइन गेमिंग को क्यों नहीं समझना चाहिए 'बच्चों का खेल'?

इमरान खान की आंखें हुईं खराब, अस्‍पताल ले जाने की तैयारी, क्या कहती है मेडिकल रिपोर्ट?

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो FIR, जनता दर्शन कार्यक्रम में दिखे योगी के तेवर

सभी देखें

नवीनतम

भिवाड़ी फैक्ट्री में आग का तांडव: 7 मजदूर जिंदा जले, रेस्क्यू जारी

फिर बदलेगा मौसम: उत्तर भारत में बारिश-बर्फबारी, 8 राज्यों में अलर्ट

LIVE: अहमदाबाद के 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

भारत बना AI हब: AI Impact Expo 2026 आज से शुरू, रोड सेफ्टी पर खास फोकस

उत्‍तर प्रदेश के राम मंदिर का वैभव पहुंचा 7 समंदर पार, 20 फरवरी को मॉस्को में होगी भव्य रामलीला

अगला लेख