Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

World Cup 2019 : शमी को सेमीफाइनल से बाहर रखने पर उठे सवाल

webdunia
मंगलवार, 9 जुलाई 2019 (23:09 IST)
मैनचेस्टर। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने आईसीसी विश्व कप के मंगलवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण सेमीफाइलन के लिए शानदार फॉर्म में खेल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को अंतिम एकादश से बाहर रखने का चौंकाने वाला फैसला किया जिसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी सवाल उठे हैं। 
 
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड में भारत और न्यूजीलैंड के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में विराट ने अंतिम एकादश में मात्र एक बदलाव करते हुए चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की जगह युजवेंद्र चहल को उतारा, लेकिन कमाल की फॉर्म में खेल रहे तेज गेंदबाज शमी को इस मैच के लिए बाहर रखा गया जो चौंकाने वाला फैसला रहा। 
 
मैच से पहले तक शमी के अंतिम एकादश में खेलने की पूरी उम्मीद थी लेकिन टीम प्रबंधन और कप्तान विराट ने भुवनेश्वर को टीम में बरकरार रखा। भुवी श्रीलंका के खिलाफ पिछले मैच में खेले थे जबकि शमी पिछले मैच में टीम में शामिल नहीं थे। 
 
यह फैसला चौंकाने वाला रहा क्योंकि ग्रुप चरण में शमी ने मात्र चार ही मैचों में खुद को साबित करते हुए 5.48 के इकोनोमी रेट से 14 विकेट निकाले और टीम के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं। उनसे आगे जसप्रीत बुमराह हैं जिनके इस मैच से पहले तक आठ ग्रुप मैचों में 17 विकेट हैं। 
 
29 साल के शमी इसी के साथ विश्व कप में हैट्रिक लेने वाले भी मात्र दूसरे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले केवल चेतन शर्मा के नाम यह उपलब्धि दर्ज थी। शमी ने अफगानिस्तान के खिलाफ चुनौतीपूर्ण मुकाबले में आखिरी ओवर में गेंदबाजी करते हुए हैट्रिक ली थी, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 5 विकेट निकाले थे। 
 
शमी को बाहर रखने पर सोशल मीडिया पर गरमा गरम बहस चल रही है कि ऐसे खिलाड़ी को कैसे बाहर रखा जा सकता है जबकि उसने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। शमी ने बंगलादेश के खिलाफ अपने पिछले मुकाबले में 68 रन देकर एक विकेट लिया था जबकि भुवनेश्वर ने श्रीलंका के खिलाफ पिछले मुकाबले में 73 रन लुटाकर एक विकेट लिया था। 
 
सोशल मीडिया पर इसी अंतर के आधार पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर दोनों गेंदबाजों में इतना अंतर है तो फिर अंतिम चयन में शमी नजरअंदाज कैसे हो गए।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

फेडरर विंबलडन में 100वीं जीत से एक कदम दूर