Tulsi Stotram : तुलसी स्तोत्रम् से करें देवउठनी एकादशी का पूजन, ऋषि Pundarik ने रचा है इसे

Webdunia
तुलसी स्तोत्रम् महर्षि पुंडरिक द्वारा रची गई सुंदर रचना है। इसमें मां तुलसी का महत्व और महिमा वर्णित की गई है। 
 
|| तुलसी स्तोत्रम् ||
 
जगद्धात्रि नमस्तुभ्यं विष्णोश्च प्रियवल्लभे ।
यतो ब्रह्मादयो देवाः सृष्टिस्थित्यन्तकारिणः ||1||
 
नमस्तुलसि कल्याणि नमो विष्णुप्रिये शुभे ।
नमो मोक्षप्रदे देवि नमः सम्पत्प्रदायिके ||2||
 
तुलसी पातु मां नित्यं सर्वापद्भ्योऽपि सर्वदा ।
कीर्तितापि स्मृता वापि पवित्रयति मानवम् ||3||
 
नमामि शिरसा देवीं तुलसीं विलसत्तनुम् ।
यां दृष्ट्वा पापिनो मर्त्या मुच्यन्ते सर्वकिल्बिषात् ||4||
 
तुलस्या रक्षितं सर्वं जगदेतच्चराचरम् ।
या विनिहन्ति पापानि दृष्ट्वा वा पापिभिर्नरैः ||5||
 
नमस्तुलस्यतितरां यस्यै बद्ध्वाञ्जलिं कलौ ।
कलयन्ति सुखं सर्वं स्त्रियो वैश्यास्तथाऽपरे ||6||
 
तुलस्या नापरं किञ्चिद् दैवतं जगतीतले ।
यथा पवित्रितो लोको विष्णुसङ्गेन वैष्णवः ||7||
 
तुलस्याः पल्लवं विष्णोः शिरस्यारोपितं कलौ ।
आरोपयति सर्वाणि श्रेयांसि वरमस्तके ||8||
 
तुलस्यां सकला देवा वसन्ति सततं यतः ।
अतस्तामर्चयेल्लोके सर्वान् देवान् समर्चयन् ||9||
 
नमस्तुलसि सर्वज्ञे पुरुषोत्तमवल्लभे ।
पाहि मां सर्वपापेभ्यः सर्वसम्पत्प्रदायिके ||10||
 
इति स्तोत्रं पुरा गीतं पुण्डरीकेण धीमता ।
विष्णुमर्चयता नित्यं शोभनैस्तुलसीदलैः||11||
 
तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी ।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमनःप्रिया ||12||
 
लक्ष्मीप्रियसखी देवी द्यौर्भूमिरचला चला ।
षोडशैतानि नामानि तुलस्याः कीर्तयन्नरः ||13||
 
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत् ।
तुलसी भूर्महालक्ष्मीः पद्मिनी श्रीर्हरिप्रिया ||14||
 
तुलसि श्रीसखि शुभे पापहारिणि पुण्यदे ।
नमस्ते नारदनुते नारायणमनःप्रिये ||15||

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

चैत्र नवरात्रि 2025 का प्रारंभ कब होगा, घट स्थापना का क्या है मुहूर्त?

Ramadan 2025 : रमजान माह के बारे में, जानें महत्व और नियम

होलाष्टक का क्या है महत्व, क्यों नहीं करते हैं कोई मांगलिक कार्य?

फुलेरा दूज कब है, क्यों मनाते हैं ये त्योहार?

मार्च माह 2025 के प्रमुख व्रत एवं त्योहार

सभी देखें

धर्म संसार

आमलकी एकादशी व्रत रखने की विधि, पूजा, कथा और महत्व

विनायक चतुर्थी व्रत रखने की विधि, पूजा, कथा और महत्व

बुध ग्रह का मीन राशि में गोचर, 4 राशियों को रहना होगा नुकसान

शुक्र की मीन राशि में वक्री चाल, 4 राशियों का होगा बुरा हाल

होलिका दहन की रात को करें ये 5 अचूक उपाय, पूरा वर्ष रहेगा सुखमय

अगला लेख