Hanuman Chalisa

Utpanna Ekadashi 2020 Date: उत्पन्ना एकादशी कब है, जानिए व्रत के 6 फायदे

अनिरुद्ध जोशी
हिन्दू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहते हैं। उत्पन्ना एकादशी व्रत 11 दिसंबर को रखा जाएगा। हिन्दू धर्म में उत्पन्ना एकादशी व्रत का बड़ा महत्व है। व्रत संकल्प करने का मुहूर्त सबुह 5 बजकर 15 मिनट से सुबह 6 बजकर 5 मिनट तक रहेगा और संध्या पूजा मुहूर्त 5 बजकर 43 मिनट से शाम 7 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। दूसरे दिन 12 दिसंबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट से सुबह 7 बजकर 2 मिनट पर इसका पारण रहेगा। आइए जानते हैं उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखने के 2 फायदे।
 
 
1. जो व्यक्ति उत्पन्ना एकादशी का व्रत करता है उस पर भगवान विष्णु जी की असीम कृपा बनी रहती है।
 
2. उत्पन्ना एकादशी व्रत करने से हजार वाजपेय और अश्‍वमेध यज्ञ का फल मिलता है। 
 
3. इससे देवता और पितर तृप्त होते हैं।
 
3. इस व्रत को करने से सभी तीर्थों का फल मिलता है।
 
4. इस व्रत को विधि-विधान से निर्जल व्रत करने से मोक्ष वा विष्णु धाम की प्राप्ति होती है।
 
5. व्रत के दिन दान करने से लाख गुना वृद्धि के फल की प्राप्ति होती है। 
 
6. यह व्रत निर्जल रहकर करने से व्यक्ति के सभी प्रकार के पापों का नाश होता है। 

ALSO READ: उत्पन्ना एकादशी 2020 : जानिए कैसे करें यह व्रत, 10 खास बातें एवं पूजन के शुभ मुहूर्त
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

26 May Birthday: आपको 26 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 26 मई 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

घर की नैऋत्य दिशा में यदि यह 5 वस्तुएं रखी है तो होगा भारी नुकसान

Bada Mangal 2026: चौथा बड़ा मंगल 26 मई को, राशिनुसार आजमाएं यह खास उपाय

बुध का वृषभ राशि में उदय, 12 राशियों पर कैसा रहेगा असर?

अगला लेख