Vaikunta Ekadashi 2025 : जनवरी माह में वैकुंठ एकादशी कब है? जानें सही डेट

कब मनाई जाएगी नव वर्ष 2025 की पहली वैकुंठ एकादशी

WD Feature Desk
मंगलवार, 24 दिसंबर 2024 (16:42 IST)
ALSO READ: प्रयागराज कुंभ 2025 में जाने से पहले जान लें ये 5 खास बातें
 
2025 vaikunta ekadashi : नव वर्ष 2025 के आगमन के साथ ही हिन्दू धर्म में सबसे खास मानी गई वैकुंठ एकादशी नए साल के पहले महीने में पड़ रही है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2025 में 10 जनवरी, दिन शुक्रवार को यह एकादशी मनाई जा रही है। यह व्रत पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से भी जनमानस में प्रचलित है। 
 
Highlights
  • वैकुंठ एकादशी के बारे में क्या खास है?
  • 10 तारीख की एकादशी है क्या?
  • वैकुंठ एकादशी कब मनाई जा रही है 2025 में।
आइए जानते हैं यहां वर्ष 2025 में वैकुंठ एकादशी की तिथि और समय के बारे में...
 
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस एकादशी के दिन भगवान श्रीविष्णु को खीर, फल, मेवा, दूध, मखाना तथा नारियल की बर्फी आदि चीजों का भोग लगाया जाता है। बता दें कि एकादशी के भोग में तुलसी पत्र जरूर रखें, क्योंकि इस संबंध में कहा जाता हैं कि बिना तुलसी के श्रीहरि श्रीनारायण का पूजा या भोग पूर्ण नहीं होता है।

यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है तथा यह व्रत करने से मनुष्य को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। इतना ही नहीं यह एकादशी जीवन के समस्त सुखों को देन वाली तथा तत्पश्चात वैकुंठ/वैकुण्ठ देने वाली मानी गई है। 
 
धनुर्मास के दौरान पड़ने वाली इस एकादशी को मुक्कोटी एकादशी तथा मलयालम कैलेंडर में इसे स्वर्ग वथिल एकादशी भी कहते हैं। इस संबंध में यह मान्यता है कि इस दिन वैकुंठ यानि जो भगवान श्रीविष्णु का निवास स्थान है, उसका द्वार खुला होता है और जो भक्त इस दिन एकादशी का व्रत रखकर श्रीहरि की भक्ति करते हैं उनको स्वर्ग की प्राप्ति तथा जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है और वैकुंठ प्राप्त होता है।
 
वैकुंठ एकादशी व्रत : जनवरी 10, 2025, शुक्रवार
 
पौष शुक्ल एकादशी का प्रारम्भ- जनवरी 09, 2025, दिन गुरुवार को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से,
वैकुंठ एकादशी व्रत का समापन- जनवरी 10 2025, दिन शुक्रवार को सुवह 10 बजकर 19 मिनट पर।
उदयातिथि के हिसाब से 10 जनवरी को वैकुंठ एकादशी मनाई जाएगी। 
पारण (व्रत तोड़ने) का समय- 11 जनवरी को सुबह 07 बजकर 15 से 08 बजकर 21 मिनट तक।
पारण तिथि पर द्वादशी समाप्त होने का समय- सुबह 08 बजकर 21 मिनट पर।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: साल 2025 में कब-कब पड़ेगी एकादशी तिथि, जानें पूरे साल की लिस्ट

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुड़ी पड़वा से शुरू हो रही है 8 दिन की चैत्र नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी, जानिए फल

jhulelal jayanti 2025: भगवान झूलेलाल की कहानी

चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना और कलश स्थापना क्यों करते हैं?

जानिए कब शुरू हो रही है केदारनाथ समेत चार धाम की यात्रा

51 शक्तिपीठों में से एक है कोलकाता का कालीघाट मंदिर, सोने से बनी है मां काली की जीभ

सभी देखें

धर्म संसार

चैत्र नवरात्रि पर निबंध, जानिए नवरात्रि के दौरान क्या करें और क्या न करें

22 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

22 मार्च 2025, शनिवार के शुभ मुहूर्त

गुड़ी पड़वा के खास मौके पर अपने दोस्तों और प्रियजनों को भेजें ये सौभाग्य और समृद्धि की कामना वाले संदेश

शीतला सप्तमी-अष्टमी पर बासी खाने का भोग क्यों लगाया जाता है? क्या है इस दिन का आपकी सेहत से कनेक्शन

अगला लेख