पावन धाम हरिद्वार

अनिरुद्ध जोशी
उत्तररांचल प्रदेश में हरिद्वार अर्थात हरि का द्वार है। हरि याने भगवान विष्णु। हरिद्वार नगरी को भगवान श्रीहरि (बद्रीनाथ) का द्वार माना जाता है, जो गंगा के तट पर स्थित है। इसे गंगा द्वार और पुराणों में इसे मायापुरी क्षेत्र कहा जाता है। यह भारतवर्ष के सात पवित्र स्थानों में से एक है। हरिद्वार में हर की पौड़ी को ब्रह्मकुंड कहा जाता है। इसी विश्वप्रसिद्ध घाट पर कुंभ का मेला लगता है और यहीं पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती होती है। आओ जानते हैं यहां के प्रसिद्ध पावन धाम मंदिर के बार में संक्षिप्त जानकारी।
 
 
1. पावन धाम हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों में से एक जाता है। यह मंदिर शहर से 2 किमी दूर स्थित है। 
 
2. देशभर में यूं तो कांच के कई मंदिर मिल जाएंगे परंतु यह मंदिर कलात्मक मूर्तियों एवं दीवारों पर किए गए कांच के काम और सबसे अलग कलाकृतियों के लिए जाना जाता है।
 
3. इस मंदिर का निर्माण 1970 में स्वामी वेदांत महाराज ने करवाया था। 
 
4.  यहां साधु-संतों के लिए रुकने के लिए विशेष स्थान और व्यवस्था है। 
 
5. इस पावन धाम मंदिर को गीता धाम ट्रस्ट की ही एक संस्था द्वारा संचालित किया जाता है।
 
6. मंदिर में दर्शन करने का समय सुबह 6 बजे से शाम की 6 बजे का है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

पर्स में रखें ये 5 चीजें, कभी नहीं होगी धन की कमी बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

चैत्र नवरात्रि पर IRCTC का वैष्‍णोदेवी स्पेशल टूर पैकेज, जानिए कम खर्च में कैसे जा सकते हैं माता रानी के दरबार में

चैत्र नवरात्रि 2025 की अष्टमी तिथि कब रहेगी, क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त?

बुध ग्रह मीन राशि में अस्त, 3 राशियां रहेंगी मस्त

बुध हुए मीन राशि पर अस्त, जानें 5 राशियों पर क्या होगा असर

सभी देखें

धर्म संसार

हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा की 5 रोचक बातें जो इसे बनाती है सबसे अलग

Lal Kitab Astrology Tips: टेंशन दूर करना हो तो रात को तकिए के पास एक चीज रखकर सोएं

सूर्य ग्रहण वाले दिन शनि ग्रह जाने वाले हैं मीन राशि में, 6 राशियों के जीवन में होगा कुछ बड़ा बदलाव

Weekly Muhurat: मार्च 2025 के नए सप्ताह के शुभ मुहूर्त, जानें व्रत-त्योहार एवं ग्रह गोचर

एकनाथ छठ क्यों मनाई जाती है, जानिए संत के बारे में 5 खास बातें

अगला लेख