Festival Posters

एसिडिटी से निपटने के 8 घरेलू उपाय...

Webdunia
तला हुआ या मसालेदार भोजन पेट में गैस और एसिडिटी पैदा करता है, जिससे पाचन तंत्र के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं भी हो सकती है...जानिए एसिडिटी से निपटने के यह 8 आसान घरेलू उपाय...
1 इलायची - इलायची खाने की आदत आपको एसिडिटी से बचाए रखने में मदद करती है। जब भी आपको एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या हो, तो एक से दो इलायची को मुंह में रखकर चूसते रहें।
2  तुलसी - तुलसी न केवल एसिडिटी में लाभदायक है बल्कि मानसिक और अन्य शारीरिक रोगों में भी बेहद प्रभावी औषधी है। खाने के बाद तुलसी के कुछ पत्तों को चबाएं या फिर गर्म पानी में डालकर इसका सेवन करें।
3 पुदीना - पुदीना हमेशा से ही पेट व पाचन की समस्याओं के लिए फायदेमंद रहा है। मसालेदार भोजन से पेट में होने वाली जलन, पुदीने के पत्तों को चबाने से शांत होगी, या फिर पानी में नींबू और पि‍सी हुई पुदीना पत्ती को काले नमक के साथ मिलाकर पिएं। 

4 दूध - ठंडा दूध पीना, एसिडिटी के लिए पुराना रामबाण उपाय है। पेट या सीने में जलन होने पर दूध और पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर पिएं या फिर ठंडे दूध का सेवन करें।

5 जीरे का पानी - पेट की समस्याओं में जीरे का पानी भी बेहद लाभदायक होता है। जीरे को पानी में उबालकर, इसका प्रयोग करना एसिडिटी में फायदेमंद साबित होगा।
6 आंवला - आंवला हमेशा से ही एक घरेलू पाचक उपायों में गिना जाता है। एसिडिटी में आंवले को काले नमक के साथ खाना लाभकारी होगा। आप चाहें तो इसका मुरब्बा, जूस या इसकी चॉकलेट अथवा सुपारी का सेवन भी कर सकते हैं।
7 अदरक - सर्दी, खांसी, जुकाम हो या फिर पाचन संबंधी समस्याएं, अदरक का इस्तेमाल एक कारगर उपाय है। इसे पानी के साथ उबालकर उस पानी को पिएं, या फिर इसका एक टुकड़ा काले नमक में लपेटकर चूसें। जल्द से जल्द लाभ मिलेगा।
8 सौंफ - खाने के बाद सौंफ का सेवन, पाचन में मददगार होता है। पेट में जलन, एसिडिटी होने पर भी सौंफ उतना ही फायदेमंद है। सौंफ ठंडी प्रकृति की होती है और यह पेट में ठंडक पैदा कर एसिडिटी में राहत देती है।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

द्रौपदी: 'अच्युत-गोत्र' की वह पहचान, जहां गोविंद ही एकमात्र संबंधी बन जाते हैं

प्रेम, आत्म-विलय से वैश्विक चेतना तक का महाप्रस्थान

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

इन 10 तरह के लोगों से कभी उम्मीद न रखें, वरना जीवन में मिलेगा सिर्फ दुख

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

सभी देखें

नवीनतम

यूरोप-अमेरिका के बीच बढ़ रही है अविश्वास की खाई

Guru Golwalkar Jayanti: गुरु गोलवलकर कौन थे? जानें 7 अनसुने तथ्य

जयंती विशेष: छत्रपति शिवाजी: धर्म, संस्कृति और राजनीति के अद्वितीय साम्राज्य निर्माता Chhatrapati Shivaji Maharaj

Shivaji Maharaj Essay: मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज पर उत्कृष्ट निबंध

जयंती विशेष: रामकृष्ण परमहंस क्यों प्रसिद्ध थे?

अगला लेख