Hanuman Chalisa

आपके नन्हे का आहार कैसा हो... जानिए यहां

Webdunia
डॉ. शरद थोरा   
 
किसी भी बच्चे की जिंदगी के शुरुआती वर्षों में पौष्टिक आहार का खास महत्व है। इन्हीं वर्षों में उसके स्वस्थ जीवन की नींव रखी जाती है। जरा सी लापरवाही बच्चे के लिए भारी पड़ सकती है। कुपोषण अपने साथ एक नहीं कई बीमारियां लेकर आता है। जरूरत है केवल समय पर पौष्टिक आहार कराने की।
 
किसी भी बच्चे के दांत, हड्डियां मजबूत तथा सुदृढ़ मांसपेशियां तभी बन सकती हैं जब उसे नियमित और पौष्टिक आहार मिलता रहे। केवल विटामिन की गोलियाँ या टॉनिक पिलाने से किसी भी बच्चे को स्वस्थ नहीं रखा जा सकता। समय पर दी गई अच्छी खुराक उसके अच्छे स्वास्थ्य का भविष्य निर्धारित करती है।

बच्चे का आहार तय करते समय बहुत सावधानी की जरूरत होती है। 1 से 4 साल तक के बच्चे की जरूरत है भरपूर कैलोरी और पौष्टिक तत्व, लेकिन उसकी भूख जल्दी ही शांत हो जाती है। खाने-पीने की आदतें उसके मूड पर निर्भर होती हैं। इसलिए जरूरी है कि उसे जल्दी-जल्दी भोजन दिया जाए और ऐसा बनाया जाए, जिसमें भरपूर पौष्टिक तत्व भी शामिल रहें। 
 
आयरन 
इस उम्र के बच्चों में लौह तत्वों की कमी होना बहुत आम होता है, क्योंकि इसकी जरूरत बहुत अधिक है और आहार से पूर्ति नहीं हो पाती। यदि बच्चे को विटामिन सी से भरपूर भोजन कराया जाए तो अधिकतम आयरन उसके शरीर में जज्ब होगा। इसलिए शाम के आहार में एक गिलास संतरे का रस फायदेमंद होगा। 
 
नन्हे के लिए कैल्शियम 
किसी भी बच्चे की जिंदगी के शुरुआती वर्षों में पौष्टिक आहार का खास महत्व है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों के स्वस्थ विकास के लिए जरूरी तत्व है। बच्चे को नियमित रूप से दूध और दूध से बने पदार्थ देना जरूरी है। इसके मुख्य स्रोत हैं- दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, संतरे का रस और दालें। विटामिन 'ए' स्वस्थ त्वचा और ऊतकों के विकास के लिए जरूरी होता है। यही एक ऐसा विटामिन है जिसकी पूर्ति इस उम्र में आहार से नहीं हो पाती। विटामिन 'डी' कैल्शियम के शरीर में जज्ब होने के लिए आवश्यक होता है। विटामिन डी सूर्य के प्रकाश से मिलता है। यदि आपका बच्चा अधिकांश समय घर या स्कूल के अंदर बिताता है तो उसे विटामिन डी की खुराक देना चाहिए।
 
विटामिन ए, सी और डी 
विटामिन 'ए' स्वस्थ त्वचा और ऊतकों के विकास के लिए जरूरी होता है। यही एक ऐसा विटामिन है जिसकी पूर्ति इस उम्र में आहार से नहीं हो पाती। 
 
विटामिन 'सी' शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने तथा विकास के लिए जरूरी होता है। यह आयरन के शरीर में जज्ब होने में मददगार साबित होता है। खासतौर पर तब जबकि आयरन का स्रोत मांस न हो। जो बच्चे बहुत ही कम फल और सब्जियां खाते हैं उनमें विटामिन 'सी' की कमी हो जाती है। 
 
विटामिन 'डी' कैल्शियम के शरीर में जज्ब होने के लिए आवश्यक होता है। विटामिन डी सूर्य के प्रकाश से मिलता है। यदि आपका बच्चा अधिकांश समय घर या स्कूल के अंदर बिताता है तो उसे विटामिन डी की खुराक देना चाहिए। बाजार में मिलने वाले टॉनिक में अक्सर विटामिन डी जरूर मिलाया जाता है। मुद्दे की बात यह है कि बढ़ रहे बच्चे की खुराक का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?

Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून

शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग 'थाइमस', जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यह क्यों खास है हमारी सेहत के लिए

सभी देखें

नवीनतम

World No Tobacco Day: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: एक कदम तंबाकू से दूर, हजार कदम स्वास्थ्य की ओर

Ahilyabai Holkar जयंती: नारी शक्ति, न्याय और सेवा का प्रतीक महारानी अहिल्याबाई होलकर

Famous works of Nehru: जवाहरलाल नेहरू के 5 ऐसे बड़े कार्य जो नहीं कर सकता था कोई दूसरा पीएम

Savarkar Jayanti 2026: वीर सावरकर जयंती: काला पानी की यातनाएं झेलने वाले वीर क्रांतिकारी की गाथा

10 things about Nautapa: नौतपा से जुड़ी 10 खास बातें

अगला लेख