Dharma Sangrah

Chandrayaan 2 पर कविता : 95% सफल चंद्र-मिशन हमारा

डॉ. रामकृष्ण सिंगी
भारत की इंजीनियरिंग तपस्या का प्रतीक हमारा चंद्रयान,
जब यकायक ओझल हुआ संपर्क से अंतिम क्षणों में।
देश हुआ स्तब्ध, उस आकस्मिक बाधा से निपट अनजान,
भर गया अवसाद, अब तक की सफलता से उत्साहित मनों में।।1।।
 
छलछला गई तपस्या की सिवन आंखें,
ढाई सौ इंजीनियरिंग प्रतिभाएं हुईं हतप्रभ, उदास।
कुछ क्षण बीते शून्यता में, अनिश्चितता, घबराहट में,
फिर प्रधानमंत्री की आश्वासनभरी थपकियों/ शब्दों से लौटा विश्वास ।। 2।।
 
अब हम हैं आनंदित चंद्र-मिशन की 95% सफलता पर
संसार चमत्कृत है भारत की मितव्ययी स्वदेशी तकनीकों से।
'नासा' तक ने की है सराहना, भविष्य में साझेदारी की पेशकश के साथ
बहुत प्रकाश मिलेगा आगे इस मिशन की छोटी त्रुटियों की सीखों से ।।3।।
 
देश हुआ गौरवान्वित, निहार अपने वैज्ञानिकों के अपूर्व धैर्य, समर्पण व लगन।
कृतज्ञ भाव से समूचा देश कर रहा है अभिनंदन ।।
नई युवा पीढ़ी को मिलेगी दिशा व प्रेरणा अनंत,
चांद की धरती पर निश्चय ही एक दिन करेंगे हम ध्वज-वंदन ।।4।।

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