कन्या पूजन के इस देश में कितनी ललनाएं रुआंसी। कितने हो रहे मुजफ्फरपुर/देवरिया, किस किस को दोगे फांसी ।।1।। कितने संत/महंत दोगले, कभी शंका न हुई जिनकी नीयत पर। बनकर ग्रहण लगे जघन्य से, कितनी चन्द्र-धवल अस्मत पर ।।2।। कितने छद्म समाजसेवी, अफसर, नेता, मिलजुलकर षड़यंत्रकारी । असहाय,...