Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : नजदीक

संजय वर्मा 'दृष्ट‍ि'
यूं लब थरथराने लगे 
तुम जो मेरे नजदीक आए 
 
महकती खुशबू जो महका गई 
तुम जो मेरे नजदीक आए 
 
नजरें ढूंढती रही हर दम तुम्हें   
तुम जो मेरे नजदीक आए
प्रेम को बोल भी न बोल पाए 
तुम जो मेरे नजदीक आए
 
इजहार तो हो न सका प्रेम का 
तुम जो मेरे नजदीक आए
 
प्रेम के ढाई अक्षर हुए मौन 
तुम जो मेरे नजदीक आए
 
कागज में अंकित शब्द खो से गए 
तुम जो मेरे नजदीक आए
 
नींद भी अपना रास्ता भूल गई 
तुम जो मेरे नजदीक आए
 
कोहरे में छुपा चेहरा जब देखा 
तुम जो मेरे नजदीक आए
 
अंधेरों ने मांगा उजाला रौशनी देने 
तुम जो मेरे नजदीक आए
 
प्रेम रोग की दवा देने 
तुम जो मेरे नजदीक आए
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

cold water: ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानें सच

सभी देखें

नवीनतम

भारतीय नौसेना के लिए जर्मन पनडुब्बियां, जो मुंबई में बनेंगी

भोजशाला: सत्य अतीत, सनातन की न्यायिक जीत

World Telecommunication Day 2026: विश्व दूरसंचार दिवस क्यों मनाया जाता है?

International Family Day: अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस, जानें डिजिटल युग में परिवार के साथ जुड़ाव बनाए रखने के तरीके

किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं

अगला लेख