Hanuman Chalisa

Poem on Holi : होली का मादक रंग

डॉ. रामकृष्ण सिंगी
Holi Festival Poem
 
मौसमी करवटों में बदल रहा स्वरूप वन-प्रांतर का,
प्रकृति नटी के गालों पर लाल पलाशी उमंग। 
वृक्षों की डालियां झूम-झूम ले रहीं हिलोर,
अल्हड़ मदभरी फागुनी बयारों के संग।।1।। 
 
हवाओं की सरसराहटों में कैसी अबूझ तान,
पतझड़ी पत्तों की खड़क में बज रही मृदंग। 
प्रेमियों के विकल मन में दस्तकों से मदनोत्सव की,
बन रहीं अनगिन अजानी चाहतों की सुरंग।।2।।
 
वसंत प्रेरित कामनाएं, वासंती अकुलाहटें,
राधा-माधव के ह्रदय-सागर में ज्वारीय तरंग। 
चंद्रकिरणों में गुंजित कान्हा की मधुरिम बांसुरी,
चंद्रमुग्ध चकोर सा बेसुध राधा का मन-विहंग ।।3।।
 
पुष्प-सज्जित चाप ले छुपा यहीं-कहीं अनंग। 
ध्यान-योगी शिव का भी जो करे ध्यान भंग ।।
व्यर्थ ही जन्मा जगत में, उम्र ले अनायास,
जिस पर न चढ़ा यौवन में, होली का मादक रंग ।।4।।

ALSO READ: होली पर मजेदार कविता : रंग भरी पिचकारी

ALSO READ: holi ki kavita : होली के रंग
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

cold water: ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानें सच

सभी देखें

नवीनतम

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून

Rajiv Gandhi: 21 मई: राजीव गांधी पुण्यतिथि पर जानें उनका जीवन और 4 प्रमुख योगदान

Cashew health effects: प्रतिदिन 5 काजू खाने से क्या होगा सेहत पर असर

लौट आई बहार भोजशाला में, मंदिर था, मंदिर रहेगा

भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक से बचने के 5 तरीके, जानिए लक्षण और प्रभाव

अगला लेख