suvichar

खुशियाँ फिर लौटेंगी एक दिन : lock down पर यह कविता दिल जीत लेगी आपका

डॉ. दीपा मनीष व्यास
ज़िन्दगी में खुशियाँ फिर लौटेंगी एक दिन
मिल बैठेंगे हम सब यार एक दिन
अदरक वाली चाय और चटपटे समोसों से
फिर गुलज़ार होगी सुनी मेज़ एक दिन
हँसी ठहाके वो बेपरवाह मस्ती से
फिर जमेगी यारों की महफ़िल एक दिन
गुज़र ही जायेंगे ये पल रुसवाई के
फिर खिलखिलायेंगी बहारें एक दिन
तुम मुस्कुराकर इंतज़ार करो शिद्दत से
फिर जवां होंगी मुलाकातें एक दिन
 
स्वस्थ रहिए  , मुस्कुराते रहिए 
मिलना है हमें इसलिए घर में रहिए... 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

द्रौपदी: 'अच्युत-गोत्र' की वह पहचान, जहां गोविंद ही एकमात्र संबंधी बन जाते हैं

प्रेम, आत्म-विलय से वैश्विक चेतना तक का महाप्रस्थान

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

इन 10 तरह के लोगों से कभी उम्मीद न रखें, वरना जीवन में मिलेगा सिर्फ दुख

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

सभी देखें

नवीनतम

Shivaji Maharaj Essay: मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज पर उत्कृष्ट निबंध

राहुल गांधी में बदलाव की संभावना नहीं

कविता: बेटी

नकारात्मक ऊर्जा का अंत: घर में रोज जलाएं इस चीज का धुआं, दूर होगी कलह और क्लेश

रुकें, सोचें फिर करें हाथी की सवारी

अगला लेख