Hanuman Chalisa

कविता : मेरे वतन के लोगों

संजय वर्मा 'दृष्ट‍ि'
वतन के लोगों वतन को, आतंक से बचा लो 
आतंक के कहर को मिलकर वतन से निकालो 
सोने की चिड़िया के वतन को फिर से सजा लो 
संबंधों के बंधन कभी न टूटे, इन्हें मजबूत बना लो 
वतन के लोगों ...
 
आतंक का जहर कहीं फैल ना जाए वतन में 
बंध न जाए कहीं वतन, गुलामी जंजीरों में 
रोको इसे आतंक से बचालो, ओ मेरे देश के रखवालों 
मेरे वतन के लोगों, जरा जागो देश संभालो 
वतन के लोगो ...
 
हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई मिलकर रहे वतन में 
भाई चारे को तोड़ने आए बहुत, बने रहे एक चमन में
मनोबलों को टूटने से बचालो ,ओ मेरे देश के रखवालों 
मेरे वतन की लोगों, जरा जागो देश संभालो
वतन के लोगों …
 
दिया तिरंगे को रंग शहीदों की कुर्बानी से वतन में 
नाज है हमें, चूमते जमीं को सब लोग वतन में 
बन प्रहरी आतंक से बचालो, ओ मेरे देश के रखवालों 
मेरे वतन के लोगों जरा जागो देश संभालो 
वतन के लोगों …
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

सर्दियों में सेहत और स्वाद का खजाना है मक्के की राब, पीने से मिलते हैं ये फायदे, जानें रेसिपी

सर्दियों में रोजाना पिएं ये इम्यूनिटी बूस्टर चाय, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

Winter Superfood: सर्दी का सुपरफूड: सरसों का साग और मक्के की रोटी, जानें 7 सेहत के फायदे

Kids Winter Care: सर्दी में कैसे रखें छोटे बच्चों का खयाल, जानें विंटर हेल्थ टिप्स

सभी देखें

नवीनतम

Makar Sankranti Quotes: पतंग की उड़ान और तिल गुड़ की मिठास के साथ, अपनों को भेजें ये 10 सबसे खास शुभकामना संदेश

Vivekananda Quotes: दुनिया को एक नई दिशा दे सकते हैं स्वामी विवेकानंद के ये 10 अनमोल विचार

Makar Sankranti Essay: मकर संक्रांति पर्व पर रोचक हिन्दी निबंध

World Hindi Day: विश्व में भारतीयता का अहम परिचय ‘हिन्दी’

वैसे भी कवि विनोदकुमार शुक्‍ल की धरती पर लेखक को किसी तरह की अराजकता शोभा नहीं देती

अगला लेख