Hanuman Chalisa

कविता : चार कांधों की दरकार

संजय वर्मा 'दृष्ट‍ि'
सांसों के मध्य संवेदना का सेतु 
ढहते हुए देखा 
देखा जब मेरी सांसे हैं जीवित 
क्या मृत होने पर 
संवेदनाओं की उम्र कम हो जाती
या कम होती चली जाती 
भागदौड़ भरी जिंदगी में 
वर्तमान हालातों को देखते हुए लगता है 
शायद किसी के पास वक्त नहीं 
किसी को कांधा देने के लिए 
 
समस्याओं का रोना लोग बताने लगे  
और पीड़ित के मध्य अपनी भी राग अलापने लगे 
पहले चार कांधे लगते 
कहीं किसी को अब अकेले ही उठाते देखा,
रुंधे कंठ को 
बेजान होते देखा खुली आंखों ने 
संवेदनाओं को शुन्य होते देखा 
संवेदनाओ को गुम होते देखा 
हृदय को छलनी होते देखा 
सवाल उठने लगे 
मानवता क्या मानवता नहीं रही
या फिर संवेदनाओं को स्वार्थ खा गया 
लोगों की बची जीवित सांसे अंतिम पड़ाव से 
अब घबराने लगी 
बिना चार कांधों के न मिलने से अभी से 
जबकि लंबी उम्र के लिए कई सांसे शेष है 
ईश्वर से क्या वरदान मांगना चाहिए ?
बिना चार कांधों के हालातों से कलयुग में 
अमरता का वरदान मिलना ही चाहिए
ताकि हालातों को बद्तर होने से बचाया जा सके
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

सिर्फ एक अंडा! वैज्ञानिकों ने बताया दिमाग तेज करने का 'सीक्रेट फॉर्मूला'

पैरों की पिंडलियों को सुडौल और पतला करने हेतु आजमाएं ये 6 असरदार उपाय

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून

सभी देखें

नवीनतम

Chhatrapati Shivaji Maharaj: 6 जून: श्रीमंत छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक दिवस पर विशेष

World Environment Day 2026: विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास और थीम, जानें कौन कर रहा है मेजबानी?

World Environment Day Wishes: विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाली का संदेश: शुभकामनाएं, विचार और प्रेरक पंक्तियां

Environment and Health: पर्यावरण और सेहत का क्या है कनेक्शन, जानें दोनों क्यों हैं एक-दूजे के लिए जरूरी

पेड़-पौधों का ज्योतिष कनेक्शन: 100 यज्ञों के बराबर पुण्य देता है सिर्फ एक पौधा! जानें किस्मत चमकाने वाली 11 जादुई बातें

अगला लेख