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चंद्रयान-3 की सफलता पर कविता : चांद पर हिंदुस्तान

एमके सांघी
Chandrayaan poem
 
हम हो गए कामयाब
हम हो गए कामयाब
हम हो गए चांद के साथ, आज के दिन 
हो हो हो रंग लाया विश्वास 
हुआ पूरा है विश्वास आज के दिन
 
रोवर चलेगा चारों और
रोवर चलेगा चारों और
सैंपल लेगा आसपास, आज के दिन
हो हो हो रंग लाया विश्वास 
हुआ पूरा है विश्वास आज के दिन
 
हुआ भारत का बड़ा नाम
हुआ है भारत का बड़ा नाम
हुआ है इसरो का भी नाम, आज के दिन
हो हो हो रंग लाया विश्वास 
हुआ पूरा है विश्वास आज के दिन
 
चांद ने बोला हमें नमस्ते
चांद ने बोला हमें नमस्ते
कैसे पहुंचे इतने सस्ते, जरा बताओ तुम
हो हो हो रंग लाया विश्वास 
हुआ पूरा है विश्वास आज के दिन
 
गौरी का मुख नहीं चांद जैसा
गौरी का मुख नहीं चांद जैसा
पर चांद है गौरी जैसा, आज के दिन 
हो हो हो चूम लिया है चांद
घर चांद बना है आज, आज के दिन
 
हम हो गए कामयाब आज के दिन।

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