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देशभक्ति डायलॉग, इन 15 डायलॉग्स को पढ़कर खून खोल जाएगा

Webdunia
शनिवार, 14 अगस्त 2021 (15:12 IST)
भारत में देश‍भक्ति पर कई फिल्में बनी है जैसे शहीद (1965), गांधी (1982), नेताजी सुभाष चन्द्र बोस : द फॉरगॉटन हीरो (2004), मंगल पांडे : द राइजिंग (2005), सरदार (1993), झांसी की रानी (1953), हकीकत (1964), स्वदेस (2004), रंग दे बसंती (2006), ए वेडनेसडे (2008), प्रहार (1991), 1942 ए लव स्टोरी (1994), बॉर्डर (1997), 1971 (2007), लक्ष्य (2004), गदर (2001), LOC कारगिल (2003), सर्जिकल स्ट्राइक (20218), शेरशाह (2021), आदि कई फिल्में बनी है। इनमें एक से एक देशभक्ति डायलॉग हैं। आओ कुछ चर्चित डायलॉग जानते हैं।
 
 
1. हमारा हिस्दुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा।- गदर एक प्रेम कथा
 
2. तूम दूध मांगोगे, हमे खीर देंगे, तुम कश्मीर मांगोगे हम चीर देंगे।- मां तुझे सलाम
 
3. 'ये नए जमाने का हिंदुस्तान है, ये घर मे घुसेगा भी और मारेगा भी'।- उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक
 
4. 'अगर वे कहते हैं कि वे नाश्ता जैसलमेर में करेंगे और डिनर दिल्ली में तो हम कहते हैं कि हम नाश्ता भी कराची में करेंगे और लंच भी'।- बॉर्डर 
 
5. 'मर्द मरता नहीं है तो अपनी आंखें तिरंगे की तरफ करके मरता है और ये सोचता है की फिर से इस देश के लिए कब पैदा होऊं'।- जो बोले सो निहाल
 
6. आज से तुम्हारी हर गोली पर देश के दुश्मन का नाम लिखा होगा।- बॉर्डर
 
7. जो देश के लिए जान देते हैं वो शहीद कहलाते हैं। जो देश के लिए जान लेते हैं, वो कातिल नहीं सोल्जर कहलाते हैं।- सोल्जर
 
8. बेचकर ईमान कमाई दौलत तो इंसान क्या। नमक खाया जिस वतन का, उसी का ना हुआ तो ‘मुसलमान’ क्या!- तहलका
 
9. जिस देश में पैदा हुए हो तुम, उस देश के अगर तुम भक्त नहीं, नहीं पिया दूध मां का तुमने, और बाप का तुम में रक्त नहीं।- अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
 
10. अब भी जिसका खून ना खौला, खून नहीं वो पानी है, जो देश के काम ना आए, वो बेकार जवानी है।- रंग दे बसंती
 
11. हम हाथ मिलाना भी जानते हैं, हाथ उखाड़ना भी,हम गांधीजी को भी पूजते हैं, चन्द्र शेखर आजाद को भी। मैं भी पहले प्यार से समझाता हूं, फिर हथियार से।- इन्डियन
 
12. मौत की मंडियों में जा-जाकर अपने बेटों की बोलियां दी हैं। देश ने जब भी एक सर मांगा हमने भर-भरके झोलियां दी हैं।- अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
 
13. खून बहाना कोई बड़ी बात नहीं है, चाहें वो अपना हो या सामने वाले का, बड़ी बात तो ये है कि जिस्म से टपका हुआ एक बूंद खून, आने वाली नस्ल के सारे के सारे खून में उबाल ला सकता है कि नहीं।- द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह
 
14. हिंदुस्तानी जैसा भी हो, उसे दो चीजें बिल्कुल पंसद नहीं। एक है क्रिकेट में हार, दूसरा अपने देश पे वार।- कांटें
 
15. यह वीर शिवाजी, राणा प्रताप जैसे बहादुरों की सरजमीं है, जिसे भगत सिंह, आजाद, अशफाक उल्ला खां ने अपने खून से सींचा है। हमें कोई तोड़ नहीं सकता। हम हिंदुस्तानी एक हैं और एक ही रहेंगे, और देश के हर एक दुश्मन को मिलकर मारेंगे- पुकार

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