rashifal-2026

देशभक्ति पर बेहतरीन हिन्दी कविता : करुणा दया प्रेम का भारत

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
मंगलवार, 13 अगस्त 2024 (12:10 IST)
Poem on 15th August
 

ALSO READ: 15 अगस्त, स्व‍तंत्रता दिवस पर कविता : इसी देश में
 
भारत मां का शीश हिमालय‌ 
चरण हैं हिन्द महासागर, 
मातुश्री के हृदय देश में 
बहती गंगा हर-हर-हर। 
  
अगल-बगल माता के दोनों 
लहराते हैं रत्नाकर, 
पूरब में बंगाल की खाड़ी 
पश्चिम रहे अरब सागर। 
  
मध्यप्रदेश में ऊंचे-ऊंचे 
विंध्य, सतपुड़ा खड़े हुए, 
सोन, बेतवा, चंबल के हैं 
यहीं कहीं चरणों के घर। 
  
छल-छल छलके यहां नर्मदा 
यमुना-केन चहकती हैं, 
दक्षिण में गोदावरी, कृष्णा 
पार उतारें भवसागर। 
  
हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई 
रहते हैं सब मिल-जुलकर, 
यहां चाहते देवता रहना 
स्वर्ग लोक से आ-आकर। 
  
कहीं भेद न भाव धर्म का 
न ही जाति का बंधन, 
करुणा, दया, प्रेम का भारत‌ 
मन सबके निर्मल, निर्झर।

ALSO READ: आजादी पर्व के अवसर पर रोचक कविता : विश्व पटल पर चमके हम
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कर्ज मांगने की कीमत चुकानी पड़ती है, शाहबाज शरीफ का बड़ा कबूलनामा

कंपाउंडर ने कबूला साध्वी प्रेम बाईसा को एक से ज्‍यादा इंजेक्शन दिए थे, लेकिन मौत पर सवाल बरकरार

बलूचिस्तान में BLA का बड़ा हमला, 12 शहरों को बनाया निशाना, 20 पाकिस्‍तानी सैनिकों की मौत

रामलीला के दौरान बड़ा हादसा, राम के तीर से रावण हुआ अंधा, मुकदमा दर्ज

शेयर बाजार के लिए कैसा रहा हफ्ता, बजट तय करेगा आगे की चाल?

सभी देखें

नवीनतम

रामलीला के दौरान बड़ा हादसा, राम के तीर से रावण हुआ अंधा, मुकदमा दर्ज

मध्यप्रदेश भाजपा में बड़ा फेरबदबल, प्रदेश संंगठन महामंत्री हितानंद की संघ में वापसी

यूपी में आपदा राहत प्रबंधन के लिए 2025-26 में जारी किए 710.12 करोड़

एटा का पटना पक्षी अभयारण्य रामसर साइट्स घोषित, मोदी-योगी ने दी बधाई

यूपी में खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी व डेटा का होगा इस्तेमाल

अगला लेख