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प्रभु यीशु ने 12 शिष्‍यों के पैर धोकर दिया सेवाभाव का संदेश

गुड फ्रायडे पर पवित्र क्रूस यात्रा निकाली जाएगी। इसमें प्रभु यीशु को दी गई यातनाओं को याद कर अनुयायी की आंखें नम होंगी।

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025 (11:51 IST)
Good Friday : ईसाई समाज ने दुख भोग सप्ताह में पवित्र गुरुवार 17 अप्रैल को मनाया। इस अवसर पर कैथोलिक एवं प्रोटेस्टेंट गिरजाघरों में प्रभु यीशु के अपने 12 शिष्यों के साथ बैठकर अंतिम भोज की विधि संपन्न हुई। इसमें यीशु ने सेवा भाव एवं विनम्रता का उदाहरण देते हुए अपने शिष्यों के पैर धोए थे। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रार्थना हुई। शुक्रवार को गुड फ्रायडे पर पवित्र क्रूस यात्रा निकाली जाएगी। इसमें प्रभु यीशु को दी गई यातनाओं को याद कर अनुयायी की आंखें नम होंगी।
 
पवित्र गुरुवार पर आराधना रेड ईसाई समाज ने पवित्र गुरुवार पर संपन्न की विधि दुखभोग सप्ताह में गुड फ्राइडे पर आज निकलेगी क्रूस यात्रा चर्च, सेंट जोसफ चर्च, मारथोमा चर्च, व्हाइट चर्च, सेंट मैरी आर्थेडोक्स चर्च, सेंट अरनाल्ड, प्रेस ब्रिटेरियन चर्च में आराधनाएं हुई।
 
क्रिश्चियन मीडिया फोरम के फादर अलवारिस ने बताया कि यीशु के अंतिम भोज की याद में विश्व कैथोलिक कलीसिया में आज के दिन पुरोहित द्वारा बारह व्यक्तियों के पैर धोए जाते हैं। ये दोनों धार्मिक विधियां शहर के गिरज इंदौर के गिरजाघरों में पिपलियाकुमा धर्मप्रांत के बि पीड़ित मानवता की सेवा आदर अभा अग्रवाल महासभा के कार्यक्रम मे चर्च, सेंट मैरी आर्थेडोक्स चर्च, सेंट अरनाल्ड, प्रेस ब्रिटेरियन चर्च में आराधनाएं हुई।
 
फादर अलवारिस ने कहा कि यीशु के अंतिम भोज की याद में विश्व कैथोलिक कलीसिया में पुरोहित द्वारा बारह व्यक्तियों के पैर धोए जाते हैं। ये दोनों धार्मिक विधियां शहर के गिरजाघरों में अंतिम भोज की विधि संपन्न कराई गई। सौजन्य आयोजक इंदौर के भी सभी कैथोलिक गिरजाघरों में हुई। होली फैमिली चर्च पिपलियाकुमार में इंदौर कैथोलिक धर्मप्रांत के बिशप डा. थामस मैथ्यू ने विधि संपन्न की।
 
कैथोलिक गिरजाघरों में खजूर रविवार के साथ 13 अप्रैल को पवित्र सप्ताह शुरू हो गया। पवित्र सप्ताह में पवित्र गुरुवार तथा पुण्य शुक्रवार (गुड फ्राइडे) की आराधनाएं की जा रही है। खजूर इतवार को चालीस दिन तक उपवास रखने के बाद प्रभु यीशु ने येरूसालेम नगर में प्रवेश किया। उस समय वहां की प्रथा के अनुसार लोगों ने हाथों में खजूर की डालियां लेकर उनका स्वागत किया। हम पवित्र सप्ताह में पवित्र गुरुवार, पुण्य शुक्रवार, पास्का जागरण में भाग लेते हुए यीशु के दुखभोग, मरण तथा पुनरुत्थान के सहभागी और साक्षी बनते हैं। आज संसार को प्रेम और भाईचारे की नितांत आवश्यकता है।
edited by : Nrapendra Gupta 

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