केंद्र सरकार ने एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि वह स्मार्टफोन कंपनियों को अपना सोर्स कोड साझा करने के लिए मजबूर करने का कोई प्रस्ताव नहीं ला रही है। सरकार ने इन खबरों को भ्रामक और सनसनी फैलाने वाला बताया है।
आईटी मंत्रालय ने कहा कि इन रिपोर्टों में किसी भी स्मार्टफोन कंपनी या उनसे जुड़ी इंडस्ट्री एसोसिएशन का आधिकारिक बयान नहीं लिया गया है। बल्कि, इंडस्ट्री एसोसिएशन की टिप्पणियों को नजरअंदाज कर खबर को सनसनीखेज बनाने की कोशिश की गई है। इसे लेकर पीआईबी फेक्ट चेक में जानकारी दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि वह साइबर सिक्योरिटी मजबूत करने और नागरिकों की प्राइवेसी की रक्षा के लिए उद्योग जगत के साथ लगातार बातचीत कर रही है। मोबाइल सिक्योरिटी से जुड़े नियमों को लेकर स्टेकहोल्डर्स के साथ एक व्यवस्थित सलाह-मशविरा प्रक्रिया चल रही है।
आईटी मंत्रालय (MeitY) ने बताया कि वह नियमित रूप से सेफ्टी कंप्लायंस, EMI/EMC मानक, भारतीय भाषाओं के सपोर्ट, इंटरफेस आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों जैसे मुद्दों पर इंडस्ट्री से परामर्श करता है। सरकार ने कहा कि वह उद्योग की सभी जायज चिंताओं पर खुले मन से विचार करेगी और देश और इंडस्ट्री- दोनों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगी। Edited by: Sudhir Sharma