rashifal-2026

Janmashtami 2020 : घर पर कैसे सजाएं श्रीकृष्ण झांकी?

Webdunia
जन्माष्टमी (Janmashtmi) के अवसर पर पूरा देश बालगोपाल की भक्ति में लीन रहता है। इस पर्व को बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। लेकिन कोरोना काल के बीच सावधानी के साथ कदम बढ़ाने की आवश्यकता है और आप अपने घर पर ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को धूमधाम से मना सकते हैं। सबसे जरूरी है जन्माष्टमी के अवसर पर झांकी को खूबसूरत तरीके से सजाना। पूजा स्थल को सजाने का काफी महत्व होता है।
 
तो आइए जानते हैं कैसे सजाएं जन्माष्टमी पर झांकी?
 
भगवान के स्थल को अच्छी तरह से साफ करके वहां भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरों को सबसे पहले लगा दें।
 
बालगोपाल को उनके आभूषण पहनाएं, झूले को सजाएं, पूजा स्थल को सुंगधित फूलों के साथ सजाएं। साथ ही आप पूजा स्थल के आसपास सजावट के लिए आकर्षक पौधे भी लगा सकते हैं, जैसे गरबेरा डेजी का पौधा।
 
भगवान के स्थल के सामने और घर के आंगन में रंगोली बनाएं। रंगोली का पूजा-पाठ व व्रत-त्योहार में काफी महत्व माना जाता है। इसके बिना सजावट अधूरी-सी लगती है इसलिए एक बढ़िया-सी रंगोली जरूर बनाएं।
 
घरों में छोटी जगह पर ही दही-हांडी को लगाना न भूलें। पूजा स्थल या झांकी की सजावट दही-हांडी के बिना अधूरी है, दही-हांडी को भी अच्छी तरह से सजा लें। आप हांडी को सजाने के लिए गोल्डन लेस या फूल-पत्तियों व मोतियों को चिपकाकर सजा सकते हैं
 
पूजा स्थल को रंगबिरंगी झालरों के साथ भी सजा सकते हैं। इसे आपका पूजा स्थल जगमगा उठेगा।
 
पूजा स्थल के आस-पास दीये जलाएं। जन्माष्टमी का कार्यक्रम रात में होता है। ऐसे में आपका पूजा स्थल दीयों की रोशनी से बेहद खूबसूरत लगेगा। आप पूजा स्थल के सामने बनी रंगोली पर भी दीये लगाकर उसे सजा सकते हैं।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

बसंत पंचमी पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, शुभ कार्यों के लिए है अबूझ मुहूर्त

बिजनौर में 4 दिन से हनुमान मूर्ति की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, क्या है कारण, Video

मौनी अमावस्या पर स्नान करने और दान देने के क्या हैं फायदे

माघ शुक्ल चतुर्थी को कहां मनाई जाती है गणेश जयंती?

मौनी अमावस्या की पौराणिक कथा Mauni Amavasya Katha

अगला लेख