Hanuman Chalisa

कान्हा को सजाएं इन 10 चीजों से

अनिरुद्ध जोशी
ब्रज मंडल में श्रीकृष्ण जन्म उत्सव की शुरुआत श्रावण माह से ही प्रारंभ हो जाती है। कान्हा का जन्म भाद्रपद के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का 5248वां पर्व 30 अगस्त दिन सोमवार रात्रि को मनाया जाएगा। आओ जानते हैं कि बाल कृष्ण को किन किन वस्तुओं से सजाया जाता है।
 
 
1. झूला : सबसे बहले बाल कृष्ण के लिए झूला या पालना सजाया जाया जाता है। बाजारों में कई तरह के झुले मिलते हैं। आप अपनी यथाशक्ति के अनुसार झूला लाएं और उसे फूलों से सजाएं। झूला सजाने के लिए लेस या झालर का उपयोग भी कर सकते हैं। झूले के भीतर रेशमी या मखमली कपड़े के तकिये, गादी और रजाई रखें। अब कान्हा जी को तैयार कर झूले में बैठाएं।
 
2. ड्रेस : बाजार में कान्हाजी के लिए सुंदर-सुंदर डिजाइन की ड्रेस मिलती है जिमें मीनाकारी, जरदोरी या काश्तकारी की हुई होती है। यह वस्त्र पीले होते हैं जिनमें हरी डिजाइन होती है।
 
 
3. पगड़ी : कान्हाजी के सिर पर छोटी उसी रंग और डिजाइन की पगड़ी होती है जिस रंग या डिजाइन के वस्त्र होते हैं। उन्हें पगड़ी पहनाकर उसमें मोर पंख लगाएं।
 
4. बांसुरी : कान्हाजी के हाथों में छोटी सी सुंदर बांसुरी होती है। उनके हाथों की यह बांसुरी भी अच्छे से रेशिमी धागों से सजी होती है।
 
5. कड़े और बाजूबंध : कान्हाजी के हाथों में कड़े डालें जो सोने, चांदी या मेटल के भी हो सकते हैं। बाजुओं में बाजूबंध पहनाएं।
 
 
6. कुंडल : ठाकुरजी के कानों में मोती, चांदी या सोने के कुंडल पहनाए जाते हैं। 
 
7. पाजेब और कमरबंध : उनके पैरों में चांदी की पायजब या पायल उन्हें पहनाएं। कमर में चांदी या काले रेशमी धागे का ही कमरबंध बांधा जाता है।
 
8. माला : ठाकुरजी को वैजयंती की माला या मोतियों की माला पहनाएं।
 
9. टीका : कान्हाजी के माथे पर सुंदर सा चमकता हुआ टीका लगाए। आजकल बाजारों में बना बनाया टीका मिलता है।
 
10. काजल : ठाकुरजी की आंखों में काजल लगाएं।


 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य-राहु युति कुंभ राशि में: 1 महीने तक रहेगा ग्रहण योग, इन 3 उपायों से बचेंगी परेशानियां

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

Hindu New Year 2026: गुरु राजा और मंगल मंत्री के राज में 19 मार्च के बाद 5 राशियां बनेंगी अपराजेय

क्या वाहन नंबर का दुर्घटना से कोई संबंध है? यदि आपका संबंध इन नंबरों से है तो रहें सतर्क

Success in Exams: एक्जाम में पाना है अच्छी सक्सेस, तो करें ये 5 खास उपाय

Angarak Yog 2026: कुंभ राशि में मंगल से बना अंगारक योग, 4 राशियों के लिए शुरू होगा राजयोग का सुनहरा दौर

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, क्या है इसका महत्व?

अगला लेख