khatu shyam baba

सुहाग का सुंदर पर्व करवा चौथ, पूजा थाली में रखें ये 34 चीजें, पढ़ें पूरी लिस्ट

Webdunia
Karva Chauth Puja Samagri List
 
इस वर्ष 13 अक्टूबर 2022 को करवा चौथ पर्व (karwa chauth 2022) मनाया जा रहा है। यह व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होता है जिसे चांद निकलने तक रखा जाता है। सुहागन महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखकर तथा रात्रि में चांद देखने के बाद अपना व्रत खोलती हैं। यह व्रत पति की दीर्घायु, यश, कीर्ति तथा सौभाग्य वृद्धि के लिए विशेष फलदायी माना गया है। आइए यहां जानते हैं करवा चौथ पूजन सामग्री की सूची-
 
करवा चौथ पूजन सामग्री की सूची-karwa chauth samagri list
 
1. चंदन
2. शहद
3. अगरबत्ती
4. पुष्प
5. कच्चा दूध
6. शकर
7. शुद्ध घी
8. दही
9. मिठाई
10. गंगाजल
11. कुंकुम
12. अक्षत (चावल)
13. सिंदूर
14. मेहंदी
15. महावर
16. कंघा
17. बिंदी
18. चुनरी
19. चूड़ी
20. बिछुआ
21. मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन
22. दीपक
23. रुई
24. कपूर
25. गेहूं
26. शकर का बूरा
27. हल्दी
28. पानी का लोटा
29. गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी
30. लकड़ी का आसन
31. चलनी
32. आठ पूरियों की अठावरी
33. हलुआ
34. दक्षिणा के लिए पैसे।


Karwa Chauth 2022
 

ALSO READ: कब है करवा चौथ 2022

ALSO READ: 1 अक्टूबर 2022 से शुक्र का तारा अस्त, जानिए कब होगा उदित

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अयोध्या में क्यों मनाया जाता है श्रीराम राज्य महोत्सव? जानें इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

Numerology Horoscope 23 to 29 March 2026: मूलांक के अनुसार साप्ताहिक भविष्यफल: क्या कहते हैं आपके अंक इस सप्ताह?

Weekly Horoscope March 2026: जीवन में कई बदलावों का संकेत देगा यह सप्ताह, (साप्ताहिक राशिफल 23 से 29 मार्च तक)

बुध का कुंभ में मार्गी गोचर: शनि के प्रभाव से इन 4 राशियों की बढ़ सकती हैं परेशानियां

बुध का कुंभ राशि में मार्गी गोचर: 12 राशियों पर बड़ा असर, जानें आपका राशिफल

सभी देखें

धर्म संसार

26 March Birthday: आपको 26 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 26 मार्च 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Ram Navami: रामनवमी पर श्रीराम की पूजा विधि, आरती, मंत्र, चालीसा, कथा और लाभ

दुर्गा नवमी 2026: चैत्र नवरात्रि की महानवमी पर करें ये 5 उपाय मां सिद्धिदात्री मां होंगी प्रसन्न

चैत्र नवरात्रि महाष्टमी: दुर्गा अष्टमी पर संधि पूजा करना क्यों है जरूरी?

अगला लेख